UKPSC lect History 2025 Paper I(Q 51 to 100)
Q51. 1707 ई. में शाहू तथा ताराबाई के मध्य खेड़ का युद्ध निम्नलिखित में से
किस नदी के किनारे हुआ था ?
(a) गोदावरी
(b) ताप्ती
(c) भीमा
(d) कृष्णा
Answer – (c)
व्याख्या: औरंगज़ेब की मृत्यु (1707 ई.) के बाद जब छत्रपति शिवाजी
महाराज के पोते शाहू जी महाराज मुगलों की कैद से आज़ाद हुए, तो मराठा साम्राज्य के सिंहासन के
लिए उनका मुकाबला राजाराम की विधवा ताराबाई से हुआ। अक्टूबर 1707 में पुणे जिले के पास भीमा नदी के तट पर स्थित ‘खेड़’
(Khed) नामक स्थान पर
दोनों सेनाओं के बीच ऐतिहासिक युद्ध हुआ। इस युद्ध में शाहू जी विजयी रहे, जिसमें पेशावर बालाजी विश्वनाथ ने
उनकी बड़ी मदद की थी।
Q52. किस सुल्तान ने बलबन को ‘उलूग खान’ की उपाधि प्रदान की ?
(a) इल्तुतमिश
(b) बहरामशाह
(c) नासिरुद्दीन महमूद
(d) अलाउद्दीन मसूदशाह
Answer –
(c)
व्याख्या: दिल्ली सल्तनत के गुलाम वंश के
सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद (जो स्वभाव से बहुत ही सीधा और
धार्मिक था) ने 1249 ईस्वी में
गयासुद्दीन बलबन की सैन्य योग्यताओं और वफादारी से खुश होकर उसे ‘उलूग खान’ (महान खान) की उपाधि दी थी। साथ ही
उसने बलबन को सल्तनत का सर्वोच्च प्रशासनिक पद ‘नाइब-ए-मामलिकात’ (वज़ीर) भी सौंप दिया था। बाद में नासिरुद्दीन की मृत्यु के बाद
बलबन खुद सुल्तान बना।
Q53. शेरशाह ने झेलम नदी पर निम्नलिखित में से कौन सा किला बनवाया था ?
(a) चिनार दुर्ग
(b) पुराना किला
(c) रोहतास किला
(d) मांडू किला
Answer –
(c)
व्याख्या: सूर वंश के संस्थापक शेरशाह सूरी ने
उत्तर-पश्चिमी सीमा पर गक्खर जनजातियों के विद्रोह को दबाने और मंगोल/हुमायूं के
संभावित आक्रमण को रोकने के लिए आधुनिक पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में झेलम नदी के
पास ‘रोहतास किले’ (Rohtas
Fort) का निर्माण करवाया था। यह किला अपनी
विशाल प्राचीर, स्थापत्य और रणनीतिक स्थिति के लिए
दुनिया भर में प्रसिद्ध है और वर्तमान में एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।
Q54. मुगल प्रशासन में मस्जिदों, खानकाहों एवं धार्मिक संस्थानों को दी
गयी निःशुल्क भू-अनुदान को कहा जाता था
(a) जकात्
(b) सद्का
(c) सयूरगाल
(d) जजिया
Answer –
(c)
व्याख्या: मुगल काल में धार्मिक विद्वानों, संतों, मस्जिदों, मदरसों और खानकाहों के रख-रखाव के
लिए जो लगान-मुक्त (टैक्स-फ्री) भूमि दान में दी जाती थी, उसे तुर्की-मुगल प्रशासनिक शब्दावली
में ‘सयूरगाल’ (Sayurghal) या ‘मदद-ए-माश’ कहा जाता था। इस भूमि का प्रबंधन और
आवंटन करने की जिम्मेदारी सल्तनत के मुख्य धार्मिक अधिकारी यानी ‘सद्र-उस-सुदूर’ की होती थी।
Q55. किस मुगल राजकुमारी ने साहित्यिक कार्यशाला (बैत-उल-उलूम) की स्थापना
की ?
(a) जहाँआरा
(b) रोशनआरा
(c) जेब-उन-निशा
(d) गौहन आरा
Answer –
(c)
व्याख्या: मुगल सम्राट औरंगज़ेब की सबसे बड़ी
पुत्री जेब-उन-निशा (Zeb-un-Nissa) एक अत्यंत शिक्षित कवयित्री और कला-प्रेमी महिला थी। उसने दिल्ली
में ‘बैत-उल-उलूम’ (Academy
of Sciences/साहित्यिक कार्यशाला) नाम से एक
समृद्ध पुस्तकालय और साहित्यिक केंद्र की स्थापना की थी। यहाँ उसने कई विद्वानों
और अनुवादकों को संरक्षण दिया, जिन्होंने कई महत्वपूर्ण प्राचीन ग्रंथों का लिप्यंतरण और अनुवाद
किया। वह खुद ‘मखफी’ उपनाम से फारसी में कविताएँ लिखती थी।
Q56. निम्नलिखित में से किस शासक ने अजमेर में संस्कृत विद्यालय का
निर्माण कराया था ?
(a) विग्रहराज चतुर्थ
(b) पृथ्वीराज तृतीय
(c) खुसरो मलिक
(d) अजयराज द्वितीय
Answer –
(a)
व्याख्या: चौहान (चाहमान) राजवंश के प्रतापी
राजा विग्रहराज चतुर्थ (जिन्हें ‘बिसलदेव’ भी कहा जाता है) ने अजमेर में एक
भव्य संस्कृत विद्यालय और सरस्वती मंदिर का निर्माण कराया था। विग्रहराज स्वयं एक
महान विद्वान थे, उन्होंने ‘हरिकेली’ नाटक की रचना की थी, जिसकी कुछ पंक्तियाँ इस विद्यालय की
दीवारों पर उत्कीर्ण थीं। बाद में, कुतुबुद्दीन ऐबक ने इस संस्कृत विद्यालय को तुड़वाकर उसी के मलबे
से ‘अढ़ाई दिन का झोंपड़ा’ नामक मस्जिद का निर्माण करवा दिया
था।
Q57. मध्यकालीन भारत में एकनाथ एवं तुकाराम किस भाषा में साहित्य रचना
किया करते थे ?
(a) संस्कृत
(b) तमिल
(c) मराठी
(d) बंगाली
Answer –
(c)
व्याख्या: मध्यकालीन भारत के भक्ति आंदोलन में
महाराष्ट्र के संत कवियों का योगदान अतुलनीय है। संत एकनाथ (जिन्होंने भावार्थ रामायण लिखी) और
संत तुकाराम (जो छत्रपति शिवाजी महाराज के समकालीन थे और अपने ‘अभंगों’ के लिए प्रसिद्ध हैं) दोनों ही
वारकरी संप्रदाय से जुड़े थे। इन संतों ने जनसामान्य को भक्ति का मार्ग समझाने के
लिए अपनी स्थानीय भाषा ‘मराठी’ में अपनी अमर रचनाएँ और साहित्य
लिखा था।
Q58. पतंजलि के योगसूत्र का अरबी में अनुवाद किसने किया ?
(a)अल-बरूनी
(b) अल-गजाली
(c) अल-असारी
(d) अब्दुल वहीद बिलग्रामी
Answer –
(a)
व्याख्या: 11वीं शताब्दी में महमूद गज़नबी के
साथ भारत आए सुप्रसिद्ध फारसी विद्वान और इतिहासकार अल-बरूनी (Al-Biruni)
ने भारतीय संस्कृति, दर्शन और विज्ञान का गहरा अध्ययन
किया था। उसने संस्कृत भाषा सीखी और महर्षि पतंजलि के प्रसिद्ध ग्रंथ ‘योगसूत्र’ का अरबी भाषा में अनुवाद किया, जिसे ‘किताब पतंजल फिल-खलास मिन अल-अमथल’ नाम से जाना जाता है। इसके अलावा
उसने सांख्य दर्शन और भगवद्गीता के अंशों का भी अनुवाद किया था।
Q59. दिल्ली सल्तनत के किस शासक के शासनकाल में राजधानी में शराब एवं जुए
पर पाबंदी लगायी गयी थी ?
(a) बलबन
(b)जलालुद्दीन खिलजी
(c) अलाउद्दीन खिलजी
(d) मुहम्मद बिन तुगलक
Answer –
(c)
व्याख्या: खिलजी वंश के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने अपने खिलाफ होने वाले विद्रोहों
को रोकने के लिए कई कड़े प्रशासनिक अध्यादेश (Ordinances) जारी किए थे। उसका मानना था कि शराब
की गोष्ठियों और जुए के अड्डों पर अमीर और सरदार इकट्ठा होकर विद्रोह के षड्यंत्र
रचते हैं। इसलिए उसने दिल्ली और उसके आस-पास शराब के निर्माण, बिक्री, सेवन और जुए पर पूरी तरह से
प्रतिबंध लगा दिया था।
Q60. विजयनगर साम्राज्य के निम्नलिखित वंशों कोकालक्रमानुसार व्यवस्थित
कीजिये :
(a) संगम, सालुव, तुलुव, अराविदु
(b) संगम, तुलुव, अराविदु, सालुव
(c) सालुव, अराविदु, संगम, तुलुव
(d) सालुव, तुलुव, संगम, अराविदु
Answer –
(a)
व्याख्या: विजयनगर साम्राज्य (स्थापना 1336 ई.) पर शासन करने वाले चारों
राजवंशों का सही ऐतिहासिक क्रम इस प्रकार है:
संगम वंश (1336 –
1485 ई.): स्थापना हरिहर और बुक्का ने की।
सालुव वंश (1485 –
1505 ई.): स्थापना सालुव नरसिंह ने की (प्रथम
बलापहार)।
तुलुव वंश (1505 –
1570 ई.): स्थापना वीर नरसिंह ने की। इसी वंश
के सबसे महान राजा कृष्णदेवराय थे।
अराविदु वंश (1570 –
1646 ई.): तालीकोटा के युद्ध (1565 ई.) के बाद तिरुमल ने इस वंश की
नींव रखी थी।
Q61. शिवाजी के राज्याभिषेक समारोह के बारे में निम्न में से कौन से तथ्य
सही हैं ?
1. इसकी अध्यक्षता गंगाभट्ट ने की थी ।
2. राज्याभिषेक समारोह पूणे में हुआ था ।
3. राज्याभिषेक समारोह 1627 ई. में हुआ था ।
4. राज्याभिषेक समारोह 1674 ई. में हुआ था ।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
कूट :
(a) 1 और 3
(c) 2 और 4
(b) 1 और 2
(d) 1 और 4
Answer –
(d)
व्याख्या: छत्रपति शिवाजी महाराज का भव्य
राज्याभिषेक समारोह 6 जून 1674 ईस्वी को हुआ था (कथन 4 सही है, जबकि 1627 ई. उनका जन्म वर्ष था)। यह समारोह
पुणे में नहीं, बल्कि मराठा साम्राज्य की राजधानी रायगढ़ के किले में हुआ था (कथन 2 गलत है)। इस ऐतिहासिक वैदिक
राज्याभिषेक समारोह की अध्यक्षता काशी (वाराणसी) के सुप्रसिद्ध विद्वान गागाभट्ट (गंगाभट्ट) ने की थी (कथन 1 सही है)।
Q62. दिल्ली को ‘हजरत-ए-दिल्ली’ किसने सम्बोधित किया ?
(a) अल-बरूनी
(b) अमीर खुसरो
(c) मिन्हास-उस- सिराज
(d) निजामुद्दीन औलिया
Answer –
(b)
व्याख्या: दिल्ली सल्तनत के महान कवि, संगीतकार और सूफी विद्वान अमीर खुसरो ने दिल्ली शहर की भव्यता, सूफी संस्कृति और समृद्धि से
प्रभावित होकर अपनी रचनाओं में इसे ‘हजरत-ए-दिल्ली’ (यानी पूजनीय या पवित्र दिल्ली) कहकर
संबोधित किया था। खुसरो ने दिल्ली को ‘हजरत-ए-दिल्ली’ के रूप में एक महान आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में
स्थापित किया।
Q63. निम्नलिखित में से कबीर के बारे में कौन से कथन सही हैं ?
1. कबीर का जन्म हैदराबाद में हुआ था ।
2. कबीर निर्गुण भक्ति में विश्वास करते
थे ।
3. कबीर की रचनायें बीजक में संकलित हैं।
4. कबीर सगुण भक्ति में विश्वास करते थे
।
(a) 1 और 4
(b) 3 और 4
(c) 2 और 3
(d)1 और 3
Answer –
(c)
व्याख्या:
§
संत कबीर दास जी का जन्म काशी (वाराणसी) में हुआ था, हैदराबाद में नहीं (कथन 1 गलत है)।
§
कबीर ईश्वर के निराकार रूप को मानते थे, यानी वे निर्गुण भक्ति के सबसे प्रमुख संत थे (कथन 2 सही है, और कथन 4 गलत है)।
§
कबीर की साखियों, सबद और रमैनी का मुख्य संकलन उनके शिष्यों द्वारा ‘बीजक’ नामक ग्रंथ में किया गया है (कथन 3 सही है)।
Q64. ‘आमुक्तमाल्यद’ पुस्तक के लेखक कौन थे ?
(a) हरिहर
(b) देवराय II
(c) वीर नरसिंह
(d) कृष्णदेव राय
Answer –
(d)
व्याख्या: विजयनगर साम्राज्य के तुलुव वंश के
सबसे महान शासक कृष्णदेव राय एक प्रतापी राजा होने के साथ-साथ उच्च कोटि के विद्वान और कवि भी
थे। उन्होंने तेलुगु भाषा में राजनीति और राज्यशास्त्र पर आधारित सुप्रसिद्ध ग्रंथ ‘आमुक्तमाल्यद’ (Amuktamalyada)
की रचना की थी। इसके अलावा उन्होंने
संस्कृत में ‘जाम्बवती कल्याणाम्’ नामक नाटक भी लिखा था।
Q65. आगरा में ताजमहल के बगीचे को किसने डिजाइन किया था ?
(a) मीर अब्दुल करीम
(c) इमानत खान
(b) रायमल कश्मीरी
(d) मास्टर पीरा
Answer –
(a)
व्याख्या: शाहजहाँ के काल में ताजमहल के
संपूर्ण परिसर का निर्माण एक सामूहिक स्थापत्य कला का परिणाम था। जहाँ मुख्य
वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी थे, वहीं निर्माण के प्रबंधन, पर्यवेक्षण और चारबाग शैली के बगीचे को डिजाइन करने व व्यवस्थित
करने की मुख्य जिम्मेदारी ‘मीर अब्दुल करीम’ और रायमल कश्मीरी को सौंपी गई थी।
अमानत खान मुख्य रूप से कैलीग्राफर (लेखक) थे।
Q66. निम्नलिखित में से कौन सा सूफ़ी सन्त दाराशिकोह और जहाँआरा बेगम का
आध्यात्मिक गुरु था ?
(a) मियाँ मीर
(b) मुल्ला शाह
(c) आदम वनूरी
(d) मोहम्मद गौस
Answer –
(b)
व्याख्या: शाहजहाँ के बड़े बेटे दाराशिकोह और
बेटी जहाँआरा बेगम सूफी मत के कादिरी सिलसिले से अत्यधिक प्रभावित थे। लाहौर के
प्रसिद्ध सूफी संत मियाँ मीर के देहांत के बाद, उनके मुख्य शिष्य मुल्ला शाह बदख्शानी दाराशिकोह और जहाँआरा दोनों के
दीक्षा गुरु (आध्यात्मिक गुरु) बने। दाराशिकोह ने मुल्ला शाह के प्रभाव में आकर कई
सूफी ग्रंथों की रचना की थी।
Q67. निम्नलिखित में से किस विदेशी यात्री ने अनारकली की दन्तकथा का
उल्लेख किया है ?
(a) रॉल्फ फिच
(c) विलियम फिंच
(b) विलियम हॉकिन्स
(d) सर थॉमस रो
Answer –
(c)
व्याख्या: मुगल काल में जहाँगीर के शासनकाल (1608-1611
ई.) के दौरान भारत आने वाले ब्रिटिश
व्यापारी और यात्री विलियम फिंच (William Finch) ने लाहौर का विस्तृत विवरण दिया है। वह पहले यूरोपीय यात्री हैं
जिन्होंने अपनी यात्रा वृत्तांत में राजकुमार सलीम (जहाँगीर) और अनारकली की प्रसिद्ध दंतकथा (प्यार
की कहानी) तथा लाहौर में
बनी अनारकली की मजार का स्पष्ट उल्लेख किया है।
Q68. निम्नलिखित विदेशी यात्रियों को उनके भारत में आने के कालक्रमानुसार
व्यवस्थित कीजिए :
1. विलियम हॉकिन्स
2. सर थॉमस रो
3. रॉल्फ फिच
4. निकोलस डाउन्टन
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
कूट :
(a) 3, 1, 4, 2
(d) 2, 4, 1, 3
(c) 1, 2, 3, 4
(b) 4, 3, 2, 1
Answer –
(a)
व्याख्या: इन ब्रिटिश यात्रियों के भारत आगमन
का सही वर्ष इस प्रकार है:
1.
रॉल्फ फिच (Ralph Fitch): 1583-1591
ई. (यह अकबर के समय भारत आने वाला
पहला अंग्रेज यात्री था) – (क्रम 3)
2.
विलियम हॉकिन्स (William Hawkins): 1608
ई. (हेक्टर जहाज से जहाँगीर के
दरबार में आया) – (क्रम 1)
3.
निकोलस डाउन्टन (Nicholas Downton): 1614
ई. (स्वाली के युद्ध के समय
पुर्तगालियों के खिलाफ लड़ा और जहाँगीर के काल में आया) – (क्रम 4)
4.
सर थॉमस रो (Sir Thomas Roe): 1615
ई. (जेम्स प्रथम का आधिकारिक राजदूत
बनकर जहाँगीर के दरबार में पहुँचा) – (क्रम 2)
अतः सही कूट 3, 1,
4, 2 बनता है।
Q69. अलाउद्दीन ख़िलजी अपने चार साथियों की ‘खलीफा-ए-राशिदीन’ से तुलना करता है। निम्न में से कौन
उनमें सेएक नहीं था ?
(a) जफर खान
(c) हैबत खान
(b) नुसरत खान
(d) अल्प खान
Answer –
(c)
व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी के पास चार अत्यंत
वफादार और सेनापति साथी थे, जिन्हें वह इस्लाम के शुरुआती चार
खलीफाओं (खलीफा-ए-राशिदीन) के समान मानता था। ये चार सेनापति थे: अलप खान, नुसरत खान, जफर खान और उलूग खान। इनमें हैबत खान शामिल नहीं था। इन चारों सेनापतियों
ने अलाउद्दीन के साम्राज्य विस्तार और मंगोलों को हराने में सबसे बड़ी भूमिका
निभाई थी।
Q70. विजयनगर साम्राज्य के किस शासक ने अपनी माँ के नाम पर विजयनगर के
समीप ‘नगलपुरम’ नामक उपनगर कीस्थापना की ?
(a) कृष्णदेव राय
(c) विरुपाक्ष
(b) राम राय
(d) मल्लिकार्जुन
Answer –
(a)
व्याख्या: विजयनगर के महान सम्राट कृष्णदेव राय ने अपनी माता ‘नगला देवी’ (Nagamamba
/ Nagala Devi) के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए
मुख्य विजयनगर शहर के पास एक नए उपनगर (Town) की स्थापना की थी, जिसका नाम उन्होंने ‘नगलपुरम’ (Nagalapuram)
रखा था। यह वर्तमान समय में आंध्र
प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित है।
Q71. किस विदेशी यात्री ने अपने यात्रा-वृत्तान्त में लाहौर की एक सती
बालिका का मार्मिक विवरण दिया है ?
(a) बर्नियर
(b) इब्नबतूता
(c) अल-बरूनी
(d) जस्टिन
Answer –
(a)
व्याख्या: शाहजहाँ और औरंगज़ेब के काल में
भारत आए फ्रांसीसी चिकित्सक और यात्री फ्रांस्वा बर्नियर (François
Bernier) ने अपनी पुस्तक ‘ट्रैवल्स इन द मुगल एम्पायर’ में भारतीय समाज में प्रचलित सती प्रथा
का बहुत ही गहरा और आंखों देखा विवरण दिया है। उसने लाहौर में एक 12 वर्ष की असहाय बालिका को जबरन सती
किए जाने के हृदयविदारक दृश्य का उल्लेख किया है, जिसे देखकर वह स्वयं भी रो पड़ा था।
Q72. विजयनगर के किस शासक ने अपनी राजधानी पेनूगोंडा स्थानांतरित की थी ?
(a) रंगा – III
(b) वेंकट-II
(c) कृष्णदेव राय
(d) तिरुमल
Answer –
(d)
व्याख्या: 1565
ईस्वी में तालीकोटा
(राक्षस-तांगड़ी) के प्रसिद्ध युद्ध में विजयनगर की करारी हार और मुख्य राजधानी
हम्पी के पूरी तरह नष्ट होने के बाद, सदाशिव राय के मंत्री रामराय के भाई तिरुमल ने अराविदु वंश की स्थापना की। उसने
गिरते हुए साम्राज्य को संभालने के लिए और सुरक्षा की दृष्टि से अपनी राजधानी को
विजयनगर (हम्पी) से हटाकर पेनूगोंडा (आधुनिक आंध्र प्रदेश) स्थानांतरित किया था।
Q73. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे
दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
सूची-I (राज्य)
– सूची-II (वंश)
A. बीजापुर
– 1. कुतुबशाही
B. गोलकुंडा
– 2. इमादशाही
C. अहमदनगर
– 3. आदिलशाही
D. बरार
– 4. निजामशाही
कूट :
A B C D
(a) 3 2 4 1
(b) 3 1 4 2
(c) 1 2 3 4
(d) 4 1 3 2
Answer –
(b)
व्याख्या: बहमनी साम्राज्य के विघटन के बाद
दक्कन में पाँच स्वतंत्र राज्यों का उदय हुआ। उनके राजवंशों का सही मिलान इस
प्रकार है:
A. बीजापुर –
3. आदिलशाही वंश (स्थापना: यूसुफ
आदिलशाह)
B. गोलकुंडा –
1. कुतुबशाही वंश (स्थापना: कुली
कुतुबशाह)
C. अहमदनगर –
4. निजामशाही वंश (स्थापना: मलिक अहमद)
D. बरार –
2. इमादशाही वंश (स्थापना: फतेहुल्लाह
इमादशाह)
अतः सही कूट का विकल्प (b) है।
Q74. महान सेनानायक जयंता एवं कुम्पा निम्नलिखित में से किस राज्य से
संबंधित थे ?
(a) मेवाड़
(b) मारवाड़
(c) मालवा
(d) बुन्देलखण्ड
Answer –
(b)
व्याख्या: जयंता (जैता) और कुम्पा मारवाड़
(जोधपुर) के राठौड़ शासक राव मालदेव के दो अत्यंत वीर और पराक्रमी सेनापति थे। 1544 ईस्वी में शेरशाह सूरी और राव
मालदेव के बीच हुए ‘गिरि-सुमेल के युद्ध’ में जैता और कुम्पा ने मुट्ठी भर
राजपूत सैनिकों के साथ शेरशाह की विशाल सेना के छक्के छुड़ा दिए थे। इस युद्ध में
दोनों वीरगति को प्राप्त हुए, लेकिन उनकी बहादुरी देखकर शेरशाह सूरी के मुंह से निकला था कि “मैं एक मुट्ठी बाजरे के लिए
हिंदुस्तान की बादशाहत खो देता।”
Q75. निम्नलिखित में से किसने दिल्ली में ‘मदरसा-ए-मुइज्जी’ एवं ‘मदरसा-ए-नासिरी’ की स्थापना की ?
(a) कैकूबाद
(b) रजिया सुल्तान
(c) बलबन
(d) इल्तुतमिश
Answer –
(d)
व्याख्या: दिल्ली सल्तनत में शिक्षा के प्रसार
और प्रशासनिक वर्ग को तैयार करने के लिए सुल्तान शम्सुद्दीन इल्तुतमिश ने दिल्ली में दो प्रसिद्ध मदरसों
की स्थापना की थी। उसने मुहम्मद गोरी (मुइज्जुद्दीन बिन साम) की याद में ‘मदरसा-ए-मुइज्जी’ बनवाया और अपने दिवंगत बड़े बेटे
नासिरुद्दीन महमूद की याद में ‘मदरसा-ए-नासिरी’ का निर्माण करवाया था। प्रसिद्ध
इतिहासकार मिन्हाज-उस-सिराज को मदरसा-ए-नासिरी का प्रधान (प्राचार्य) नियुक्त किया
गया था।
Q76. निम्नलिखित में से किसे रजिया ने ‘अमीर-ए-आखूर’ नियुक्त किया था ?
(a) जमालुद्दीन याकूत
(b) इख्तियारुद्दीन एतगीन
(c) इजुद्दीन कबीर खान
(d) इजुद्दीन सलारी
Answer –
(a)
व्याख्या: सुल्तान रजिया बेगम ने गैर-तुर्क
सरदारों को बढ़ावा देकर तुर्की अमीरों (चालीसा दल) के प्रभाव को कम करने का प्रयास
किया था। इसी क्रम में उसने एक अब्सीनियाई (अफ्रीकी) हब्शी दास जमालुद्दीन याकूत को शाही अस्तबल का प्रधान, यानी ‘अमीर-ए-आखूर’ के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया।
तुर्की अमीर रजिया और याकूत की इस बढ़ती नजदीकी से बेहद नाराज थे, जो आगे चलकर रजिया के पतन का एक
बड़ा कारण बना।
Q77. किस पुस्तक में अमीर खुसरो ने अलाउद्दीन खिलजी को ‘जनता का चरवाहा’ कहा था ?
(a) आशिका
(b) साकियाना
(c) नूह – सिपिहर
(d) खजाइनुल- फुतूह
Answer –
(d)
व्याख्या: अमीर खुसरो ने अपनी प्रसिद्ध
इतिहासपरक गद्य रचना ‘खजाइनुल-फुतूह’ (जिसे तारीख-ए-इलाही भी कहा जाता है) में अलाउद्दीन
खिलजी के सैन्य अभियानों और प्रशासनिक सुधारों का वर्णन किया है। इसी ग्रंथ में
खुसरो ने अलाउद्दीन की प्रशंसा करते हुए उसे ‘जनता का चरवाहा’ (Shepherd
of the People), ‘विश्व का सुल्तान’ और ‘युग का विजेता’ जैसी उपाधियों से नवाजा है।
Q78. हुमायूँ के समय काल में ‘तबल-ए-अदल’ क्या था ?
(a) बाज़ार नियन्त्रक
(c) कर संग्राहक
(b) किलेदार
(d) न्याय का ढोल
Answer –
(d)
व्याख्या: मुगल बादशाह हुमायूँ ने अपनी प्रजा
को सीधा और त्वरित न्याय देने के लिए शाही महल के बाहर एक विशेष व्यवस्था की थी, जिसे ‘तबल-ए-अदल’ (Drum
of Justice/न्याय का ढोल) कहा जाता था। यदि
किसी फरियादी या पीड़ित को कोई शिकायत होती थी, तो वह इस ढोल को बजाता था, जिसे सुनकर स्वयं बादशाह या संबंधित न्याय अधिकारी उसकी समस्या का
निवारण करते थे।
Q79. निम्नलिखित में से किसने आदि ग्रन्थ का संकलन किया ?
(a) गुरु अर्जुन दास
(b) गुरु गोविन्द सिंह
(c) गुरु हर राय
(d) गुरु अंगद देव
Answer –
(a)
व्याख्या: सिख धर्म के पाँचवें गुरु, गुरु अर्जुन देव जी ने 1604 ईस्वी में सिखों के पवित्र धार्मिक
ग्रंथ ‘आदि ग्रंथ’ (जिसे बाद में गुरु ग्रंथ साहिब कहा
गया) का संकलन किया था। इस पवित्र ग्रंथ में उन्होंने पहले के चार सिख गुरुओं की
बानियों के साथ-साथ कबीर, बाबा फरीद, नामदेव और रविदास जैसे अनेक हिंदू
और सूफी संतों के उपदेशों और भजनों को भी संकलित किया।
Q80. निम्न संतों में से कौन नाथ पंथियों से अत्यधिक प्रभावित थे परंतु
सच्चे ज्ञान के लिये उन्होंने वैराग्य को महत्त्वपूर्णनहीं माना ?
(a) कबीर
(b) गुरुनानक
(c) तुकाराम
(d) रैदास
Answer –
(b)
व्याख्या: सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी ने अपनी यात्राओं (उदासियों) के
दौरान कई नाथपंथी जोगियों और सिद्धों से संवाद किया था। वे उनके एकेश्वरवाद और
आंतरिक शुद्धि के विचारों से गहरे प्रभावित थे। हालांकि, नाथपंथियों के विपरीत, गुरु नानक जी का मानना था कि ईश्वर
प्राप्ति या सच्चे ज्ञान के लिए संसार का त्याग करके वैराग्य या संन्यास लेना जरूरी नहीं
है। उन्होंने गृहस्थ जीवन (Family
life) में रहकर ही पवित्रता और नाम-सिमरन
का संदेश दिया।
Q81. कौन सा अंग्रेज 1674 में शिवाजी के राज्यारोहण के समय
आधिकारिक रूप से उपस्थित था ?
(a) रिचर्ड हक्लुयत
(c) हेनरी ऑक्सीडेन
(b) लेफ्टिनेंट गैब्रियल हार्पर
(d) मेजर जॉन कारनेक
Answer –
(c)
व्याख्या: 6
जून 1674 को रायगढ़ के किले में आयोजित
छत्रपति शिवाजी महाराज के ऐतिहासिक राज्याभिषेक समारोह में ईस्ट इंडिया कंपनी की
ओर से हेनरी ऑक्सीडेन (Henry Oxinden) ब्रिटिश दूत के रूप में आधिकारिक
तौर पर उपस्थित था। उसने शिवाजी महाराज को उपहार भेंट किए थे और इस समारोह का अपनी
डायरी में बहुत ही सजीव वर्णन किया है।
Q82. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?
(a) नज्जर
– बढ़ई
(b) संगतराश
– संगीतकार
(c) गुलतराश
– पुष्प डिजायनर
(d) नक्काश
– तराशने वाल
Answer –
(b)
व्याख्या: मध्यकालीन और मुगलकालीन स्थापत्य
कला (Architecture) एवं शिल्पकला से जुड़े तकनीकी शब्दों का सही विवरण इस प्रकार है:
संगतराश (Stone-cutter): फारसी मूल के इस शब्द का वास्तविक
अर्थ ‘पत्थर तराशने वाला शिल्पकार’ या ‘मूर्तिकार’ होता है, न कि संगीतकार। पत्थर को फारसी में ‘संग’ और तराशने वाले को ‘तराश’ कहा जाता है। इसलिए यह युग्म पूरी
तरह गलत (असंगत) है।
नज्जार/नज्जर (Carpenter): इसका अर्थ ‘बढ़ई’ या लकड़ी का काम करने वाला कारीगर होता है।
गुलतराश (Flower
Designer): यह महलों और
इमारतों में पत्थरों पर फूलों, पत्तियों और बेल-बूटों की खूबसूरत डिजाइन उकेरने वाले विशेषज्ञ
होते थे।
नक्काश (Engraver): बारीक नक्काशी या नक्कासने का कार्य
करने वाले शिल्पकार को नक्काश कहा जाता है।
Q83. 1247-48 में बलबन ने सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद के अधीन दोआब के किस जमींदार
के विरुद्ध अभियान छेड़ा ?
(a) अवध
(b) कटेहर
(c) कालिंजर
(d) कड़ा
Answer –
(b)
व्याख्या: बलबन ने सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद
के शासनकाल में वज़ीर (नाइब) रहते हुए दिल्ली सल्तनत के विद्रोही क्षेत्रों को
दबाने के लिए कई कड़े सैन्य अभियान चलाए थे। 1247-48 ईस्वी में उसने कन्नौज और दोआब (कटेहर तथा कालिंजर के
सीमावर्ती हिंदू जमींदारों) के शक्तिशाली बागियों के खिलाफ क्रूर दमन चक्र चलाया था, ताकि दिल्ली के आस-पास सल्तनत का
नियंत्रण मजबूत हो सके।
Q84. अपने विद्वतापूर्ण लेखन में ‘हिन्दवी’ बोली के प्रणेता कौन थे ?
(a) अमीर खुसरो
(b) अमीर हसन रिजवी
(c) अबुल फजल
(d) अब्दुल कादिर
Answer –
(a)
व्याख्या: दिल्ली सल्तनत के महान कवि अमीर खुसरो को खड़ी बोली और ‘हिन्दवी’ (जो आगे चलकर हिंदी/उर्दू का आधार
बनी) का पहला प्रामाणिक कवि और प्रणेता माना जाता है। उन्होंने फारसी के साथ-साथ
लोकभाषा हिन्दवी में अपनी प्रसिद्ध पहेलियाँ, मुकरियाँ, दोहे और ‘खालिकबारी’ (शब्दकोश) की रचना की थी। वे गर्व से
स्वयं को ‘तूती-ए-हिंद’ (भारत का तोता) कहते थे।
Q85. किस स्थान पर मुमताज महल को दफनाया गया तथा बाद में उसके अवशेष को
ताजमहल आगरा में स्थानांतरितकिया गया ?
(a) दिल्ली
(b) लाहौर
(c) बुरहानपुर
(d) फिरोजपुर
Answer –
(a)
व्याख्या: शाहजहाँ की प्रिय बेगम मुमताज महल
की मृत्यु जून 1631 ईस्वी में मध्य
प्रदेश के बुरहानपुर में अपनी 14वीं संतान को जन्म देते समय (प्रसव
पीड़ा के कारण) हुई थी। उन्हें तात्कालिक रूप से वहीं के ‘आहूखाना’ बाग में दफनाया गया था। इसके लगभग
छह महीने बाद, उनके पार्थिव अवशेषों को बुरहानपुर
से ससम्मान आगरा लाया गया और वहाँ यमुना तट पर ताजमहल का निर्माण शुरू कर उन्हें
स्थायी रूप से दफनाया गया।
Q86. निम्नलिखित में से किससे शिवाजी ने प्रसिद्ध रायगढ़ का किला छीना था ?
(a) चन्द्र राव
(b) शाइस्ता खाँ
(c) अफजल खाँ
(d) सिदी जौहर
Answer –
(a)
Q87. ‘लुब्ब-उत्-त्वारिख’ का लेखक था
(a) अब्दुल कादिर
(b) अबुल फजल
(c) राय भारमल
(d) भीमसेन
Answer –
(c)
व्याख्या: शाहजहाँ और औरंगज़ेब के शासनकाल के
दौरान भारत के इतिहास पर फारसी भाषा में लिखे गए सुप्रसिद्ध ग्रंथ ‘लुब्ब-उत्-त्वारिख-ए-हिन्द’ (Lubb-ut-Tawarikh-i-Hind)
की रचना राय भारमल (जिन्हें बिंदरावन दास भी कहा जाता
है) ने 1694-95 ईस्वी के आस-पास
की थी। इस पुस्तक में भारत के भूगोल और सुल्तानों व मुगल शासकों के इतिहास का
संक्षिप्त और सटीक विवरण मिलता है।
Q88. सल्तनत काल में ‘नवीन मुसलमान’ किसे कहा गया ?
(a) धर्मपरिवर्तित हिन्दुओं को
(c) युद्ध बन्दियों को
(b) दिल्ली में रहने वाले मंगोलों को
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer – (b)
व्याख्या: खिलजी वंश के संस्थापक जलालुद्दीन
फिरोज खिलजी के शासनकाल (1292 ई.) में
अब्दुल्लाह के नेतृत्व में मंगोलों का बड़ा आक्रमण हुआ था। युद्ध के बाद चंगेज खान
के नाती ‘उलूग खान’ के नेतृत्व में लगभग 4000 मंगोल सैनिकों ने इस्लाम धर्म स्वीकार
कर लिया और दिल्ली में ही बस गए। दिल्ली सल्तनत के इतिहास में इन्हीं
धर्मपरिवर्तित मंगोलों को ‘नवीन मुसलमान’ (New
Muslims) कहा गया, और उनके रहने की जगह ‘मंगोलपुरी’ कहलाई।
Q89. ‘अकबर अपने युग का संतान व पिता दोनों था।’ यह कथन किस इतिहासकार का है ?
(a) आगा मेहन्दी हसन
(b) ईश्वरी प्रसाद
(c) अवध बिहारी पाण्डेय
(d) आर. पी. त्रिपाठी
Answer –
(d)
व्याख्या: प्रसिद्ध आधुनिक भारतीय इतिहासकार डॉ. आर. पी. त्रिपाठी ने अपनी ऐतिहासिक पुस्तक में अकबर
की प्रशासनिक और धार्मिक नीतियों का मूल्यांकन करते हुए यह प्रसिद्ध दार्शनिक
टिप्पणी की थी। उनका तात्पर्य था कि अकबर ने अपने युग की परिस्थितियों (धार्मिक
सहिष्णुता, समन्वय) से बहुत कुछ सीखा (संतान), और साथ ही उसने अपनी दूरदर्शी
नीतियों से एक नए भारत और आने वाले युग का निर्माण भी किया (पिता)।
Q90. निम्नलिखित में से विजयनगर राज्य के किस शासक द्वारा ‘महाराजाधिराज’ व ‘राजा परमेश्वर’ की उपाधि धारणकी गयी थी ?
(a) देवराय II
(b) बुक्का I
(c) हरिहर II
(d) कृष्णदेव राय
Answer –
(c)
व्याख्या: विजयनगर साम्राज्य के संगम वंश के
तीसरे शासक हरिहर द्वितीय (1377-1404 ई.) पहले ऐसे राजा थे जिन्होंने
अपने पूर्वजों की साधारण उपाधियों (जैसे ‘कनाराधिराज’ आदि) को छोड़कर सबसे पहले ‘महाराजाधिराज’ और ‘राजपरमेश्वर’ जैसी साम्राज्यवादी और संप्रभु
उपाधियाँ धारण की थीं। उन्होंने ही कनारा, मैसूर और त्रिचनापल्ली के क्षेत्रों को जीतकर विजयनगर का व्यापक विस्तार
किया था।
Q91. अकबर के दरबार में पहुँचने वाले पहले जेसुइट मिशन का नेतृत्व किसने
किया ?
(a) फादर जेरोम जेवियर
(b) थॉमस रो
(c) फादर रुडोल्फ एक्वाविवा
(d) ट्रेवर्नियर
Answer –
(c)
व्याख्या: अकबर की धार्मिक जिज्ञासा और ‘इबादतखाना’ की चर्चाओं के आमंत्रण पर फतेहपुर
सीकरी में गोवा से 1580 ईस्वी में पहला
पुर्तगाली जेसुइट मिशन (Jesuit Mission) पहुँचा था। इस प्रथम मिशन का नेतृत्व फादर रुडोल्फ एक्वाविवा (Rudolfo
Aquaviva) ने किया था, और उनके साथ फादर एंटोनियो
मोन्सेरेट भी शामिल थे। (फादर जेरोम जेवियर बहुत बाद में तीसरे मिशन के नेता बनकर
आए थे)।
Q92. किस पेशवा के सत्ता में आने के बाद मराठा आन्दोलन का स्वरूप
रक्षात्मक से आक्रामक में बदल गया ?
(a) बालाजी विश्वनाथ
(b) बाजीराव प्रथम
(c) बालाजी बाजीराव
(d) बाजीराव द्वितीय
Answer –
(b)
व्याख्या: बालाजी विश्वनाथ की मृत्यु के बाद
उनके योग्य पुत्र बाजीराव प्रथम (1720–1740 ई.) मात्र 20 वर्ष की आयु में पेशवा बने।
उन्होंने मराठा नीति को पूरी तरह बदल दिया और ‘हिंदू पाद पादशाही’ का नारा देकर मराठा साम्राज्य को दक्षिण से उत्तर भारत (मालवा, बुंदेलखंड, गुजरात) में फैलाया। उन्होंने ही
मुगल साम्राज्य की गिरती स्थिति को देखकर कहा था कि “हमें इस जर्जर वृक्ष के तने पर
प्रहार करना चाहिए, शाखाएँ तो स्वयं ही गिर जाएँगी।”
Q93. ‘पीत्रा यूरा’ शैली का सर्वप्रथम प्रयोग किस इमारत में किया गया था ?
(a) एतमाद-उद्-दौला का मकबरा
(b) अकबर का मकबरा
(c) ताजमहल
(d) जहाँगीर का मकबरा
Answer –
(a)
व्याख्या: ‘पीत्रा यूरा’
(Pietra Dura) संगमरमर के पत्थरों पर कीमती रत्नों
और रंगीन पत्थरों की जड़ाई करके सुंदर बेल-बूटे बनाने की एक इतालवी स्थापत्य कला
शैली है। भारत में इस कला का पूर्ण रूप से सर्वप्रथम प्रयोग नूरजहाँ द्वारा आगरा
में अपने पिता मिर्जा गियास बेग की याद में बनवाए गए ‘एतमाद-उद्-दौला के मकबरे’ (1622-1628
ई.) में किया गया था। यह पूरी तरह
सफेद संगमरमर से बनी भारत की पहली मुगल इमारत भी है।
Q94. अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल के दौरान ‘मुन्ही’ (मुनहियन) किस अधिकारी समूह को
सन्दर्भित करता था ?
(a) बाज़ार अधीक्षक
(b) राजस्व अधिकारी
(c) सेना अधिकारी
(d) गुप्तचर
Answer –
(d)
व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी ने अपने बाजार
नियंत्रण (Market Control System) को पूरी तरह सफल बनाने और राज्य में विद्रोहों की साजिशों को दबाने
के लिए एक बेहद मजबूत गुप्तचर प्रणाली तैयार की थी। इस विभाग के मुख्य जासूसों को ‘बरीद-ए-मुमालिक’ कहा जाता था, जबकि उनके अधीन काम करने वाले
स्थानीय या छोटे स्तर के गुप्तचरों / खोजी संवाददाताओं को ‘मुन्ही’ या ‘मुनहियन’ कहा जाता था, जो सीधे सुल्तान को बाजार की पल-पल
की खबरें देते थे।
Q95. इस्लामी कानून के अनुसार फिरोज़शाह तुगलक के शासनकाल में निम्नलिखित
में से कौन से कर बरकरार रखे गयेथे ?
I. खराज
II. जकात
III. जवाबित
IV. खम्स
नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिए
:
कूट :
(a) I, II और III
(b) I, III और IV
(c) I, II और IV
(d) I, II, III और IV
Answer –
(c)
व्याख्या: फिरोजशाह तुगलक ने गद्दी पर बैठते
ही शरीयत (इस्लामी कानून) के विरुद्ध लिए जाने वाले करीब 24 कष्टदायक करों (अवाब) को समाप्त कर
दिया था। उसने केवल उन्हीं 4 करों को कानूनन बरकरार रखा जिनकी अनुमति कुरान में है:
खराज (Kharaj): गैर-मुस्लिमों से लिया जाने वाला
भूमि कर।
जकात (Zakat): मुस्लिमों से लिया जाने वाला
स्वैच्छिक धार्मिक/संपत्ति कर।
खम्स (Khams): युद्ध में लूटे गए माल का हिस्सा।
जजिया (Jizya): गैर-मुस्लिमों से लिया जाने वाला
सुरक्षा कर।
नोट: ‘जवाबित’ कोई कर नहीं था, बल्कि सुल्तान द्वारा बनाए गए
धर्मनिरपेक्ष राज्य-कानून या डिक्री को कहा जाता था। इसलिए सही विकल्प (c) है।
Q96. इनमें से कौन सैयद राजवंश का संस्थापक था ?
(a) मुबारक शाह
(b) मुहम्मद शाह
(c) खिज्र खाँ
(d)अलाउद्दीन आराम शाह
Answer –
(c)
व्याख्या: 1398
ईस्वी में तैमूर लंग के भारत पर
भयानक आक्रमण और तुगलक वंश के पतन के बाद, तैमूर के सिपहसालार खिज्र खाँ ने 1414 ईस्वी में दिल्ली पर अधिकार कर सैयद राजवंश की स्थापना की थी। खिज्र खाँ ने कभी
भी सुल्तान की उपाधि धारण नहीं की, बल्कि वह तैमूर के पुत्र शाहरुख के प्रतिनिधि के रूप में स्वयं को
केवल ‘रैयत-ए-आला’ की उपाधि से ही संतुष्ट रखता था।
Q97. निम्नलिखित में से कौन सा एक सही सुमेलित नहीं है ?
(पुस्तक)
– (लेखक)
(a) तारीख-ए-शेरशाही
– अब्बास खाँ शेरवानी
(b) तारीख-ए-दौलत-ए-शेरशाही
– हसन अली खान
(c) तबकात-ए-अकबरी
– निजामुद्दीन अहमद
(d) तारीख-ए-दाउदी
– अहमद यादगार
Answer –
(d)
व्याख्या:
§
तारीख-ए-शेरशाही — अब्बास खाँ शेरवानी (बिल्कुल सही)
§
तारीख-ए-दौलत-ए-शेरशाही — हसन अली खान (बिल्कुल सही)
§
तबकात-ए-अकबरी — निजामुद्दीन अहमद (बिल्कुल सही)
§
तारीख-ए-दाउदी के वास्तविक लेखक ‘अब्दुल्लाह’ हैं (इन्होंने यह पुस्तक जहाँगीर के
काल में अफगान शासकों के इतिहास पर लिखी थी)। जबकि अहमद यादगार ने ‘तारीख-ए-सलातीन-ए-अफगाना’ लिखी थी।
अतः विकल्प (d) गलत सुमेलित है।
Q98. त्वरित न्याय हेतु किस मुगल शासक ने अपने दरबार में ‘जंजीर-ए-अदल’ की व्यवस्था की ?
(a) अकबर
(b) जहाँगीर
(c) शाहजहाँ
(d) औरंगजेब
Answer –
(b)
व्याख्या: मुगल सम्राट जहाँगीर ने 1605 ईस्वी में गद्दी संभालते ही अपनी
न्यायप्रियता प्रदर्शित करने के लिए आगरा के किले (शाहबुर्ज) से लेकर यमुना नदी के
तट पर लगे पत्थर के खंभे तक सोने की एक विशाल जंजीर लगवाई थी, जिसे ‘जंजीर-ए-अदल’ (Chain
of Justice) कहा जाता था। इस जंजीर में 60 घंटियाँ लगी थीं। कोई भी पीड़ित
व्यक्ति बिना किसी मध्यस्थ या अधिकारी के इस जंजीर को खींचकर सीधे बादशाह से न्याय
की गुहार लगा सकता था।
Q99. किस दिल्ली सुल्तान के शासनकाल में मंगोल प्रमुख तरमा शिरिन का भारत
पर आक्रमण हुआ ?
(a) मुहम्मद बिन तुगलक
(b) बलबन
(c) अलाउद्दीन खिलजी
(d) फिरोज शाह तुगलक
Answer –
(a)
व्याख्या: तुगलक वंश के सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल के शुरुआती वर्षों (लगभग
1326-1327
ईस्वी) में मध्य एशिया के चगताई
मंगोल नेता तरमा शिरिन (Tarmashirin) ने एक विशाल सेना के साथ भारत पर आक्रमण किया था। वह मेरठ और
दिल्ली की सीमाओं तक पहुँच गया था। इस संकट से निपटने के लिए सुल्तान मुहम्मद बिन
तुगलक ने दूरदर्शिता दिखाते हुए तरमा शिरिन को भारी धन (रिश्वत) देकर वापस भेज
दिया था।
Q100. निम्नलिखित में से विजयनगर राज्य की यात्रा पर आने वाला इतालवी कौन
था ?
(a) अफानासी निकितिन
(b) निकोलो दी कॉन्टी
(c) फर्नोवा नूनिज
(d)अब्दुर रज्जाक
Answer – (b)
व्याख्या: इटली (वेनिस) का सुप्रसिद्ध यात्री निकोलो दी कॉन्टी (Nicolo
de Conti) 1420-1421 ईस्वी में विजयनगर
साम्राज्य की यात्रा पर आया था। उस समय विजयनगर पर संगम वंश के राजा देवराय प्रथम का शासन था। निकोलो दी कॉन्टी ने
विजयनगर के महलों, त्योहारों (विशेषकर दीपावली और
महानवमी) तथा वहाँ के समाज का बहुत ही शानदार विवरण छोड़ा है। (अब्दुर रज्जाक फारस
का था, नूनिज पुर्तगाली था और निकितिन रूसी
यात्री था)।
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