UKPSC Lecturer Exam 2025 History paper 1 (Question 101-150)
Q101.निम्नलिखित में से किसे खलीफा द्वारा पहली बार दिल्ली के सुल्तान के
रूप में मान्यता दी गयी थी ?
(a) कुतुबुद्दीन ऐबक
(b) अलाउद्दीन खिलजी
(c) इल्तुतमिश
(d) बलबन
Answer –
(c)
व्याख्या: 1229
ईस्वी में बगदाद के अब्बासी खलीफा
अल-मुस्तंसिर बिल्लाह ने शम्सुद्दीन इल्तुतमिश को ‘सुल्तान-ए-आज़म’ (महान सुल्तान) की उपाधि और ‘खिलअत’ (सम्मान सूचक
वस्त्र) प्रदान कर कानूनी तौर पर मान्यता दी थी। इस प्रकार इल्तुतमिश खलीफा से
अधिकार-पत्र प्राप्त करने वाला दिल्ली सल्तनत का पहला वैधानिक सुल्तान बना।
(कुतुबुद्दीन ऐबक ने कभी सुल्तान की उपाधि धारण नहीं की थी, उसने केवल ‘सिपहसालार’ और ‘मलिक’ के रूप में ही शासन किया था)।
Q102. ‘ख्वाजा मुहाजबुद्दीन’ को निम्नलिखित में से दिल्ली सल्तनत
के किस शासक ने अपना वजीर नियुक्त किया था ?
(a) इल्तुतमिश
(b) बलबन
(c) रजिया
(d) अलाउद्दीन मसूद शाह
Answer –
(d)
व्याख्या: ख्वाजा मुहाजबुद्दीन दिल्ली सल्तनत
का एक चतुर और महत्वाकांक्षी अमीर था। उसने सुल्तान बहरामशाह के पतन में मुख्य
भूमिका निभाई और उसके बाद जब अलाउद्दीन मसूद शाह (1242–1246 ई.) गद्दी पर बैठा, तो मुहाजबुद्दीन को सल्तनत का वज़ीर नियुक्त किया गया। उसने सुल्तान की
शक्तियों को कम करके शासन की वास्तविक सत्ता (तुर्कान-ए-चिहलगामी के सहयोग से)
अपने हाथों में केंद्रित कर ली थी, जिससे नाराज होकर बाद में तुर्की सरदारों ने उसकी हत्या कर दी।
Q103. बाबा रामदास किस मुगल शासक के काल में प्रसिद्ध संगीतज्ञ थे ?
(a) बाबर
(b) अकबर
(c) जहाँगीर
(d) शाहजहाँ
Answer –
(b)
व्याख्या: अकबर का काल भारतीय शास्त्रीय संगीत के
उत्थान का स्वर्ण काल माना जाता है। आईन-ए-अकबरी में अबुल फजल ने अकबर के दरबार के
36 प्रमुख संगीतकारों की सूची दी है।
इस सूची में ग्वालियर के तानसेन और स्वामी हरिदास के शिष्यों के साथ-साथ बाबा रामदास (Baba
Ramdas) का नाम प्रमुखता से शामिल है, जो अपने भजनों और शास्त्रीय गायन के
लिए विख्यात थे।
Q104. ‘अब्दुल कादिर बेदिल’ नामक शायर किस मुगल शासक के समय में
प्रसिद्ध हुआ ?
(a) अकबर
(b) जहाँगीर
(c) शाहजहाँ
(d) औरंगजेब
Answer –
(d)
व्याख्या: मिर्जा अब्दुल कादिर ‘बेदिल’ (1644–1720
ई.) मुगल काल के उत्तरार्ध और मुख्य
रूप से औरंगज़ेब के शासनकाल के सबसे प्रभावशाली फारसी कवियों और विचारकों में से एक
थे। वे फारसी कविता की ‘सबक-ए-हिन्दी’ (भारतीय शैली) के महानतम प्रणेता
माने जाते हैं। उनकी गूढ़ दार्शनिक और सूफी कविताओं का मध्य एशिया (विशेषकर
ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और अफगानिस्तान) में
बहुत गहरा प्रभाव है।
Q105. निम्नलिखित में से किस सूफ़ी सन्त को शाहजहाँ ने देश से निष्कासित
करवा दिया था ?
(a) शेख अहमद सरहिन्दी
(c) ख्वाजा बाकी बिल्लाह
(b) आदम वानूरी
(d) ख्वाजा मीर दर्द
Answer –
(b)
व्याख्या: शेख आदम वानूरी नक्शबंदी सिलसिले के एक बेहद
प्रभावशाली और कट्टर सूफी संत थे, जो शेख अहमद सरहिन्दी के शिष्य थे। उनके बढ़ते हुए राजनीतिक और
सामाजिक प्रभाव तथा हजारों सशस्त्र अनुयायियों (विशेषकर अफगानियों) की बढ़ती
संख्या को देखकर मुगल बादशाह शाहजहाँ को साम्राज्य की सुरक्षा का खतरा महसूस हुआ। इसी कारण शाहजहाँ ने 1642-43
ईस्वी में उन्हें दिल्ली/पंजाब
क्षेत्र से देश-निष्कासित (हिजरत) कर मक्का जाने का आदेश दे दिया था, जहाँ बाद में उनका निधन हो गया।
Q106. सूची – I को सूची – II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए
:
सूची-I (ग्रन्थ)
– सूची-II (रचनाकार)
A. रागमाला
– 1. सोमनाथ
B. रसकौमुदी
– 2. वेंकटरमन
C. राग विवोध
– 3. पुण्डरीक विट्ठल
D. चतुर्दण्डी प्रकाशिका
– 4. श्री कण्ठ
कूट :
A B C D
(a) 3 4 1 2
(b) 4 3 2 1
(c) 1 2 3 4
(d) 2 1 4 3
Answer –
(a)
व्याख्या: मध्यकाल के प्रसिद्ध संगीत ग्रंथों
और उनके रचनाकारों का सही मिलान इस प्रकार है:
A. रागमाला —
3. पुण्डरीक विट्ठल (इन्होंने अकबर के
समय इस ग्रंथ की रचना की थी)
B. रसकौमुदी —
4. श्री कण्ठ (यह संगीत और नृत्य का
सुप्रसिद्ध ग्रंथ है)
C. राग विबोध —
1. सोमनाथ (1609 ई. में लिखा गया, जिसमें वीणा के वादन और रागों का
वर्गीकरण है)
D. चतुर्दण्डी प्रकाशिका —
2. वेंकटरमन / वेंकटमखिन (कर्नाटक
संगीत पद्धति का आधार स्तंभ ग्रंथ)
अतः सही कूट अनुक्रम 3, 4,
1, 2 यानी विकल्प (a) है।
Q107. बलबन के ‘राजत्व सिद्धान्त’ को दिल्ली के किस शासक ने पुनःस्थापित
किया ?
(a) मुहम्मद तुगलक
(b)अलाउद्दीन खिलजी
(c) खिज्र खाँ
(d) सिकन्दर लोदी
Answer –
(b)
व्याख्या: गयासुद्दीन बलबन की मृत्यु के बाद
जलालुद्दीन खिलजी के उदार शासन के कारण सुल्तान के पद की प्रतिष्ठा गिर गई थी। जब अलाउद्दीन खिलजी सुल्तान बना, तो उसने बलबन के ‘राजत्व सिद्धांत’ (Theory
of Kingship) को कठोरता से पुनःजीवित किया। उसने
घोषणा की कि “राजा का कोई सगा-संबंधी नहीं होता” और सुल्तान की निरंकुश सत्ता ही
सर्वोपरि है। उसने अमीरों और विद्रोहियों का पूरी तरह दमन कर सुल्तान के पद को फिर
से अत्यधिक शक्तिशाली और खौफनाक बना दिया।
Q108. इब्नबतूता ने अपना प्रसिद्ध ग्रन्थ ‘किताब-उल-रेहला’ किस भाषा में लिखा था ?
(a) फारसी में
(c) तुर्की में
(b) अरबी में
(d) उर्दू में
Answer – (b)
व्याख्या: मोरक्को (अफ्रीका) का प्रसिद्ध
यात्री इब्नबतूता 1333 ईस्वी में मोहम्मद बिन तुगलक के काल में भारत आया था। भारत और अपने
अन्य दौरों के अनुभवों को उसने अपने सुप्रसिद्ध
यात्रा-वृत्तांत (Travelogue) ‘किताब-उल-रेहला’ (The
Rihla) में संकलित किया। चूंकि वह मूल रूप
से एक अरबी भाषी क्षेत्र से था और इस्लामी कानून (शरिया) का काजी था, इसलिए उसने अपना यह पूरा ग्रंथ अरबी भाषा में लिखा था।
Q109. निम्नलिखित में से दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान के शासनकाल में शाही
महलों में हिन्दू देवी-देवताओं की पूजाहोती थी ?
(a) नासिरुद्दीन महमूद
(b) नासिरुद्दीन खुसरोशाह
(c) अलाउद्दीन मसूदशाह
(d) कुतुबुद्दीन ऐबक
Answer –
(b)
व्याख्या: नासिरुद्दीन खुसरोशाह (1220
ई.) दिल्ली सल्तनत का एकमात्र ऐसा
सुल्तान था जो मूल रूप से गुजरात का एक हिंदू था और बाद में उसने इस्लाम स्वीकार
कर लिया था। उसने मुबारक शाह खिलजी की हत्या करके बहुत कम समय के लिए दिल्ली की
गद्दी पर अधिकार किया था। इतिहासकार जियाउद्दीन बरनी के अनुसार, खुसरोशाह के शासनकाल में उसके हिंदू
समर्थकों और रिश्तेदारों को अत्यधिक संरक्षण मिला और उनके प्रभाव के कारण दिल्ली
के शाही महलों के भीतर फिर से हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ स्थापित की गईं और उनकी
पूजा-अर्चना शुरू हुई थी।
Q110. मध्यकाल में ‘उन’ किस प्रकार का कर था ?
(a) मुस्लिमों से लिया जाने वाला कर
(b) भूमि कर
(c) धार्मिक कर
(d) चारागाह कर
Answer –
(a)
व्याख्या: सल्तनत काल और मध्यकालीन प्रशासनिक
करों में ‘उश्र’ (Ushr) एक बेहद प्रसिद्ध कर था, जो केवल मुस्लिम जमींदारों या कृषकों से
लिया जाने वाला एक धार्मिक भूमि कर (या लगान) था (जो कुल पैदावार का 10% या 5% होता था)। प्रश्न में प्रयुक्त शब्द ‘उन’ प्रांतीय परीक्षाओं में ‘उश्र’ (या शरीयत के चुंगी करों) के
लिप्यंतरण (Typo/Translation error) के कारण बना है, जो मुस्लिम समुदाय पर अधिरोहित किया जाता था।
Q111. 1351 ई. में मुहम्मद तुगलक की मृत्यु पर किस विद्वान ने लिखा है ‘सुल्तान को उसकी प्रजा से और प्रजा को
अपने सुल्तान से मुक्ति मिल गयी’ ?
(a) बदायूँनी
(b) अफीफ
(c) बरनी
(d) मिन्हाज
Answer –
(a)
व्याख्या: जब 1351 ईस्वी में थट्टा (सिंध) में विद्रोह
को दबाते समय गंभीर बीमारी के कारण सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक की मृत्यु हुई, तो प्रसिद्ध मध्यकालीन इतिहासकार अब्दुल कादिर बदायूँनी ने अपनी पुस्तक ‘मुंतखाब-उत-तवारीख’ में यह प्रसिद्ध कटाक्ष किया था।
सुल्तान की कई अत्यधिक महत्वाकांक्षी और असफल योजनाओं (जैसे राजधानी परिवर्तन, सांकेतिक मुद्रा) के कारण प्रजा और
सुल्तान दोनों ही एक-दूसरे से बेहद परेशान आ चुके थे।
Q112. जयपाल की पराजय तथा आत्मदाह के पश्चात हिन्दुशाही राज्य की गद्दी पर
कौन आसीन हुआ था ?
(a) त्रिलोचन पाल
(b) भीम पाल
(c) आनंद पाल
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer –
(c)
व्याख्या: 1001
ईस्वी में पेशावर के पास हुए युद्ध
में जब गजनी के सुल्तान महमूद गज़नबी ने हिन्दूशाही वंश के राजा जयपाल को पराजित
कर बंदी बना लिया, तो इस घोर अपमान से आहत होकर राजा
जयपाल ने जीवित चिता पर बैठकर आत्मदाह कर लिया था। उनकी मृत्यु के बाद उनके
पराक्रमी पुत्र आनंद पाल हिन्दूशाही राज्य के अगले शासक बने, जिन्होंने बाद में अन्य राजपूत राजाओं का संघ बनाकर महमूद गज़नबी
का डटकर मुकाबला किया था।
Q113. निम्नलिखित में से कौन दक्षिण का संगीतज्ञ अलाउद्दीन खिलजी के दरबार
में था ?
(a) राम नायक
(b) गोआला नायक
(c) राजाराम
(d) हरिहर
Answer –
(b)
व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी के दक्षिण भारत
अभियानों (विशेषकर मलिक काफूर द्वारा देवगिरि और अन्य यादव/होयसल राज्यों की विजय)
के दौरान दक्षिण के कई महान कलाकारों और संगीतज्ञों को दिल्ली लाया गया था। इनमें
दक्षिण भारत के सुप्रसिद्ध संगीतकार गोपाल नायक (गोआला नायक) शामिल थे। दिल्ली दरबार में अमीर
खुसरो और गोपाल नायक के बीच संगीत कला को लेकर ऐतिहासिक शास्त्रार्थ (संवाद) भी
हुआ था।
Q114. तालीकोटा के युद्ध के समय विजयनगर साम्राज्य का शासक कौन था ?
(a) राम राय
(b) अच्युत राय
(c) सदाशिव राय
(d) वेंकट II
Answer –
(c)
व्याख्या: 23
जनवरी 1565 ईस्वी को दक्कन की मुस्लिम सल्तनतों
(बीजापुर, गोलकुंडा, अहमदनगर और बीदर) के संघ और विजयनगर
के बीच ऐतिहासिक तालीकोटा का युद्ध (जिसे राक्षस-तांगड़ी का युद्ध भी
कहा जाता है) लड़ा गया था। इस समय विजयनगर के आधिकारिक सुल्तान (कठपुतली शासक)
तुलुव वंश के सदाशिव राय थे, जबकि शासन की वास्तविक कमान और सेना
का नेतृत्व उनके वयोवृद्ध मंत्री राम राय के हाथों में था (इस युद्ध में राम राय मारा गया था)।
Q115. निम्नलिखित में से कौन राजपूत शासक पानीपत के प्रथम युद्ध में
इब्राहिम लोदी के साथ लड़ा व शहीद हुआ ?
(a) राजा मालदेव
(b) राजा विक्रमजीत
(c) राजा कीरत सिंह
(d) राजा पूरन मल
Answer –
(b)
व्याख्या: 21
अप्रैल 1526 ईस्वी को बाबर और इब्राहिम लोदी के
बीच हुए पानीपत के प्रथम युद्ध में ग्वालियर के तोमर वंश के अंतिम
राजा राजा विक्रमजीत ने दिल्ली के सुल्तान इब्राहिम लोदी
का साथ दिया था। इस भीषण युद्ध में राजा विक्रमजीत इब्राहिम लोदी के पक्ष में
मुगलों के खिलाफ लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त (शहीद) हुए थे। उनके परिवार ने ही
बाद में हुमायूँ को प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा सौंपा था।
Q116. किस मुगल शाहज़ादा को ‘नाशुदनी’ के नाम से जाना जाता था ?
(a) मुराद
(b) खुसरो
(c) दानियाल
(d) शहरयार
Answer –
(b)
व्याख्या: जहाँगीर के सबसे बड़े पुत्र शाहज़ादा खुसरो ने 1606 ईस्वी में अपने पिता के खिलाफ
विद्रोह कर दिया था। इस विद्रोह और अपने सबसे प्रिय गुरु (सिखों के पाँचवें गुरु, अर्जुन देव जी) की सहायता लेने से
जहाँगीर बेहद कुपित हुआ। खुसरो को कैद कर लिया गया और बाद में अंधा कर दिया गया।
जहाँगीर ने अपनी आत्मकथा ‘तुजुक-ए-जहाँगीरी’ में अपने इस बागी बेटे के लिए ‘नाशुदनी’ (जिसका अर्थ होता है – ‘अभागा’ या ‘जो किसी काम का न हो/निकम्मा’) शब्द का प्रयोग किया था।
Q117. निम्नलिखित में से किसने इब्नबतूता की रेहला’ का अंग्रेजी अनुवाद किया ?
(a) सी. डेफ्रीमरी
(b) बी. आर. सानगुइनेत्ती
(c) एच. ए. आर. गिब्ब
(d) बारबियर डि मेयनार्ड
Answer –
(c)
व्याख्या: मोरक्को के प्रसिद्ध यात्री इब्नबतूता
की मूल अरबी कृति ‘किताब-उल-रेहला’ का विस्तृत और प्रामाणिक अंग्रेजी
अनुवाद सुप्रसिद्ध प्राच्यविद् और विद्वान एच. ए. आर. गिब्ब (H.
A. R. Gibb) ने ‘The Travels of Ibn
Battuta’ नाम से कई खंडों में प्रकाशित किया
था। (विकल्प a और b के विद्वानों ने इसका मुख्य रूप से फ्रांसीसी अनुवाद किया था)।
Q118. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है ?
लेखक
– किताब
(a) अब्दुल हमीद लाहौरी
– पादशाहनामा
(b) मिर्जा मुहम्मद काजिम
– आलमगीरनामा
(c) ईश्वरदास नागौरी
– फुतुहात-ए-आलमगीरी
(d) इनायत खाँ
– जहाँगीरनामा
Answer –
(d)
व्याख्या:
§
पादशाहनामा — अब्दुल हमीद लाहौरी (बिल्कुल सही सुमेलित है)
§
आलमगीरनामा — मिर्जा मुहम्मद काजिम (बिल्कुल सही सुमेलित है)
§
फुतुहात-ए-आलमगीरी — ईश्वरदास नागौरी (बिल्कुल सही सुमेलित है)
§
जहाँगीरनामा / तुजुक-ए-जहाँगीरी के वास्तविक लेखक स्वयं मुगल सम्राट जहाँगीर हैं (यह उनकी आत्मकथा है)। जबकि
इनायत खाँ ने शाहजहाँ के काल के इतिहास पर ‘शाहजहाँनामा’ नामक पुस्तक लिखी थी।
अतः विकल्प (d) गलत सुमेलित है।
Q119. निम्नलिखित में से किसने 1669 में मुगलों के विरुद्ध जाट विद्रोह का
नेतृत्व किया था
(a) बदन सिंह
(c) गोकुल
(b) गोपाल
(d) सावन्त सिंह
Answer –
(c)
व्याख्या: औरंगज़ेब की धार्मिक और दमनकारी
नीतियों (विशेषकर मथुरा के स्थानीय मंदिरों को तोड़े जाने) के खिलाफ 1669
ईस्वी में मथुरा और तिलपत क्षेत्र के जाट
किसानों ने एक बड़ा संगठित विद्रोह कर दिया था। इस ऐतिहासिक प्रथम संगठित जाट
विद्रोह का नेतृत्व तिलपत के जमींदार गोकुला जाट ने किया था। हालांकि, बाद में मुगल सेनापति हसन अली खान
ने इस विद्रोह को दबा दिया और गोकुला को पकड़कर मार दिया गया, लेकिन इसने भविष्य के जाट राज्यों
की नींव रखी।
Q120. ‘दिल्ली का चिराग’ के नाम से मशहूर निम्नलिखित में से
कौन चिश्ती सिलसिले के एक महान सूफ़ी संत थे
(a) नासिर-उद्- दीन महमूद
(b) निजाम-उद्-दीन औलिया
(c) कुतुब-उद्-दीन बख्तियार काकी
(d) हमीद-उद्-दीन नागौरी
Answer –
(a)
व्याख्या: चिश्ती सिलसिले के महान सूफी संत
हजरत निजामुद्दीन औलिया के सबसे प्रमुख और योग्य आध्यात्मिक उत्तराधिकारी (खलीफा) शेख नासिरुद्दीन महमूद थे। उन्हें उनकी उच्च आध्यात्मिक
साधना, सादगी और दिल्ली में सूफी मत के
प्रसार के कारण ‘चिराग-ए-दिल्ली’ या ‘दिल्ली का चिराग’ (Lamp of Delhi) की प्रतिष्ठित उपाधि से नवाजा गया था। वे दिल्ली के चिश्ती संतों
की महान श्रृंखला के अंतिम नक्षत्र माने जाते हैं।
Q121. निम्नलिखित में से कौन सा नवपाषाणिक स्थल नहीं है ?
(a) कालीबंगा
(b) सेनुआर
(c) चेचर-कुतुबपुर
(d) चिरांद
Answer – (a)
व्याख्या: कालीबंगा (राजस्थान) एक सुप्रसिद्ध कांस्ययुगीन (Indus
Valley Civilization/हड़प्पा) और ताम्रपाषाणिक स्थल है, न कि नवपाषाणिक (Neolithic)। इसके विपरीत: चिरांद (सारण, बिहार), सेनुआर (रोहतास, बिहार) और चेचर-कुतुबपुर (वैशाली, बिहार) तीनों ही प्रमुख नवपाषाणिक
स्थल हैं, जहाँ से पत्थर व हड्डियों के औजार और
कृषि के साक्ष्य मिले हैं।
Q122. निम्नलिखित में से कौन एक बौद्ध भिक्षुणी नहीं थीं ?
(a) धम्मदीना
(b) पटाचारा
(c) खेमा
(d) मैत्रेयी
Answer –
(d)
व्याख्या: मैत्रेयी उपनिषद काल (वैदिक काल) की एक
विदुषी महिला और दार्शनिक थीं, जो महर्षि याज्ञवल्क्य की पत्नी थीं (इनका संवाद बृहदारण्यक उपनिषद
में है)। जबकि धम्मदीना, पटाचारा और खेमा (बिम्बिसार की
रानी) गौतम बुद्ध के समय बौद्ध संघ में शामिल होने वाली सुप्रसिद्ध बौद्ध भिक्षुणियाँ (Theris) थीं।
Q123. सिन्धु घाटी सभ्यता के निम्न में से कौन से पुरास्थल पर एक स्टेडियम, जल संचयन तथा प्रबंधन प्रणाली दिखाई
देती है ?
(a) आमरी
(c) राखीगढ़ी
(b) मांडा
(d) धौलावीरा
Answer –
(d)
व्याख्या: गुजरात के कच्छ जिले में स्थित धौलावीरा अपनी उत्कृष्ट जल प्रबंधन प्रणाली (Water
Harvesting System) के लिए दुनिया भर
में प्रसिद्ध है, जहाँ चट्टानों को काटकर 16 विशाल जलाशयों (Reservoirs)
की श्रृंखला बनाई गई थी। इसके अलावा, यहाँ से हड़प्पा सभ्यता का एकमात्र
विशाल ‘स्टेडियम’ (खेल का मैदान) और ‘साइनबोर्ड’ (सूचना पट्ट) भी
प्राप्त हुआ है।
Q124. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे
दिए गए कूट से सही उत्तर को चुनिए :
सूची-I (ग्रन्थ)
– सूची-II (रचनाकार)
A. चण्डी शतक
– 1. मयूर भट्ट
B. सूर्य शतक
– 2. प्रभाचन्द्र
C. प्रभावक चरित्
– 3. बाणभट्ट
D. विविध तीर्थ कल्प
– 4. जिनप्रभा सूरि
कूट :
A B C D
(a) 3 1 2 4
(b) 1 2 3 4
(c) 2 1 4 3
(d) 4 3 1 2
Answer –
(a)
व्याख्या: प्राचीन व मध्यकालीन ग्रंथों और
उनके रचनाकारों का सही मिलान इस प्रकार है:
A. चण्डी शतक —
3. बाणभट्ट (हर्षवर्धन के दरबारी कवि, जिन्होंने हर्षचरित और कादंबरी भी
लिखी)
B. सूर्य शतक —
1. मयूर भट्ट (बाणभट्ट के समकालीन और
रिश्तेदार)
C. प्रभावक चरित् —
2. प्रभाचन्द्र (प्रसिद्ध जैन आचार्य
और लेखक)
D. विविध तीर्थ कल्प —
4. जिनप्रभा सूरि (चौदहवीं शताब्दी के
जैन विद्वान)
अतः सही अनुक्रम 3, 1,
2, 4 यानी विकल्प (a) है।
Q125. सूची – I को सूची – II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए
:
सूची-I (पुरातात्विक स्थल)
– सूची-II (उत्खननकर्ता)
A. राखीगढ़ी
– 1. यज्ञदत्त शर्मा
B. बनावली
– 2. बी. बी. लाल
C. रोपड़
– 3. आर. एस. बिष्ट
D. कालीबंगा
– 4. सूरजभान
कूट :
A B C D
(a) 4 3 1 2
(b) 3 1 2 4
(c) 1 3 4 2
(d) 2 4 3 1
Answer – (a)
व्याख्या: हड़प्पाकालीन स्थलों और उनके मुख्य
उत्खननकर्ताओं (Excavators) का सही मिलान इस प्रकार है:
A. राखीगढ़ी (हरियाणा) — 4. सूरजभान (इन्होंने 1969 में इस स्थल की शुरुआती पहचान की
थी)
B. बनावली (हरियाणा) — 3. आर. एस. बिष्ट (रवींद्र सिंह बिष्ट
द्वारा 1974 में उत्खनन)
C. रोपड़ (पंजाब) — 1. यज्ञदत्त शर्मा (Y. D.
Sharma द्वारा 1953-55
में उत्खनन)
D. कालीबंगा (राजस्थान) — 2. बी. बी. लाल (ब्रजबासी लाल और बी.
के. थापर द्वारा विस्तृत उत्खनन)
अतः सही कूट
अनुक्रम 4, 3, 1, 2 यानी विकल्प (a) है।
Q126. किस पुरातत्ववेत्ता के द्वारा अमरावती के प्रसिद्ध स्तूप की खोज की
गयी थी ?
(a) बी.एम. बरूआ
(b) कर्नल कॉलिन मैकेन्जी
(c) अलेक्जेंडर कनिंघम
(d) जे. डी. बेगलर
Answer –
(b)
व्याख्या: आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में
कृष्णा नदी के तट पर स्थित अमरावती के महास्तूप की खोज सबसे पहले 1797
ईस्वी में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के
एक सैन्य अधिकारी और सर्वेक्षक कर्नल कॉलिन मैकेन्जी (Colin Mackenzie) ने की थी, जो बाद में भारत के पहले सर्वेयर
जनरल भी बने।
Q127. काश्मीर घाटी के प्रसिद्ध नवपाषाणिक पुरास्थल ‘बुर्जहोम’ की खोज किसने की थी ?
(a) डी. टेरा और पीटरसन
(c) मार्टिमर व्हीलर
(b) आर. डी. बनर्जी
(d) शेल्डन पोलक
Answer –
(a)
व्याख्या: कश्मीर घाटी में स्थित प्रसिद्ध
नवपाषाण कालीन स्थल ‘बुर्जहोम’ (जिसका अर्थ है- ‘भूर्ज वृक्ष का स्थान’) की खोज 1935
ईस्वी में हेलमट डी. टेरा और टी. टी. पीटरसन के नेतृत्व वाले येल-कैंब्रिज
अभियान दल द्वारा की गई थी। यह स्थल ‘गर्त आवास’ (गड्ढों वाले घर)
और मालिकों के साथ कुत्तों को दफनाए जाने के साक्ष्यों के लिए जाना जाता है।
Q128. अशोक के किस अभिलेख में धम्म को ‘अपासिनवे बहुकथाने दया दाने सोचये’ के रूप में परिभाषित किया गया है ?
(a) द्वितीय लघु शिलालेख
(b)द्वितीय स्तंभ लेख
(c) तृतीय स्तंभ लेख
(d) ग्यारहवाँ शिलालेख
Answer – (b)
व्याख्या: सम्राट अशोक ने अपने द्वितीय और सातवें स्तंभ लेख (Pillar Edicts) में स्वयं से प्रश्न किया है कि “धम्मे कियूं?” (धम्म क्या है?)। इसके उत्तर में उन्होंने धम्म को
परिभाषित करते हुए लिखा है: “अपासिनवे बहुकयाने दया दाने सचे सोचये माधवे साधवे च” अर्थात्- अल्प पाप करना, अत्यधिक कल्याण करना, दया, दान, सत्यवादिता, पवित्रता, मृदुता और साधुता (अच्छाई) रखना ही ‘धम्म’ है।
Q129. निम्नलिखित में से किस ग्रंथ में बौद्ध भिक्षुणियों के गीत और
कवितायें संकलित हैं ?
(a) सिगालोवाद सुत्त
(b) संयुक्त निकाय
(c) थेरीगाथा
(d) अंबष्ठ सुत्त
Answer –
(c)
व्याख्या: ‘थेरीगाथा’ (Therigatha)
बौद्ध धर्म के सुत्तपिटक के ‘खुद्डक निकाय’ का एक भाग है। इसमें बौद्ध संघ की
उन वरिष्ठ और प्रबुद्ध भिक्षुणियों (जिन्हें ‘थेरी’ कहा जाता था) के आत्मज्ञान और
आध्यात्मिक अनुभवों से जुड़े 73 गीतों और कविताओं का संग्रह है, जिन्होंने अर्हत पद प्राप्त कर लिया था। इसे महिलाओं द्वारा रचित
दुनिया के सबसे पुराने साहित्यों में से एक माना जाता है।
Q130. नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है :
अभिकथन (A)
: उपनिषदों के अनुसार, मोक्ष पाने के पश्चात् आत्मा का अंत
नहीं होता है।
कारण (R): वह उस महान सागर (परमात्मा) में विलीन
हो जाती है। उसका अस्तित्व समाप्त नहीं होता ।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन
कीजिए :
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है ।
(b) (A) गलत है, किन्तु (R) सही है ।
(c) (A) सही है, किन्तु (R) गलत है।
(d) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है ।
Answer –
(d)
व्याख्या: उपनिषदों के ‘अद्वैत’ दार्शनिक चिंतन के अनुसार, जब जीव अज्ञान के बंधनों से मुक्त
होकर ‘मोक्ष’
(Liberation) प्राप्त करता है, तो आत्मा नष्ट नहीं होती। जिस
प्रकार नदियाँ अपने नाम और रूप को छोड़कर समुद्र में विलीन हो जाती हैं, उसी प्रकार मुक्त आत्मा परम सत्य
यानी ‘परमात्मा’ (ब्रह्म) में एकाकार हो जाती है।
उसका अस्तित्व व्यापक हो जाता है, समाप्त नहीं होता। अतः कथन और कारण दोनों सत्य हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या है।
Q131. जैन धर्म के संस्थापक निम्न में से कौन थे ?
(a) पार्श्वनाथ
(b) ऋषभदेव
(c) महावीर
(d) भद्रबाहु
Answer –
(b)
व्याख्या: जैन धर्म में कुल 24 तीर्थंकर हुए हैं। जैन धर्म के
प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव (जिन्हें आदिनाथ भी कहा जाता है) को ही जैन धर्म का
मूल संस्थापक माना जाता है।
नोट: पार्श्वनाथ 23वें तीर्थंकर थे और महावीर स्वामी 24वें तीर्थंकर थे जिन्हें जैन धर्म
का ‘वास्तविक संस्थापक’ (Real
Founder) माना जाता है, लेकिन मूल संस्थापक ऋषभदेव ही हैं।
Q132. निम्नलिखित मानव प्रजातियों पर विचार कीजिए और उन्हें सही
कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए :
1. नियण्डरथल
2. होमो इरेक्टस
3. होमो सेपिएन्स
4. ऑस्ट्रेलोपिथेकस
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
कूट :
A B C D
(a) 1, 2, 3, 4
(b) 4, 3, 2, 1
(c) 2, 3, 4, 1
(d) 4, 2, 1, 3
Answer –
(d)
व्याख्या: मानव के क्रमिक विकास (Human
Evolution) का सही ऐतिहासिक कालक्रम इस प्रकार
है:
1.
ऑस्ट्रेलोपिथेकस (Australopithecus): लगभग 40 लाख वर्ष पूर्व (सबसे पहले)।
2.
होमो इरेक्टस (Homo erectus): लगभग 19-20 लाख वर्ष पूर्व (सीधे खड़े होकर
चलने वाले मानव)।
3.
नियण्डरथल (Neanderthal): लगभग 4 लाख से 40,000 वर्ष पूर्व।
4.
होमो सेपिएन्स (Homo sapiens): आधुनिक मानव, जो लगभग 3 लाख वर्ष पूर्व अस्तित्व में आए।
अतः सही अनुक्रम 4, 2,
1, 3 यानी विकल्प (d) है।
Q133. ‘मणिमेखलै’ की रचना किसने की ?
(a) इलंगोवडिगल
(b) कंबन
(c) सत्तनार
(d) अवैयार
Answer –
(c)
व्याख्या: ‘मणिमेखलै’ संगम काल के तमिल साहित्य का एक
महाकाव्य है। इसकी रचना मदुरै के एक बौद्ध व्यापारी सीतलै सत्तनार ने की थी। यह महाकाव्य ‘शिल्प्पादिकारम’ (जिसके लेखक इलंगोवडिगल थे) की अगली
कड़ी है, जिसमें कोवलन और माधवी की पुत्री ‘मणिमेखलै’ के बौद्ध भिक्षुणी बनने की कहानी का
वर्णन है।
Q134. पल्लव राजाओं ने अपनी राजधानी कहाँ बनाई ?
(a) मदुरै
(b) पैठन
(c) कांची
(d) कल्याणी
Answer –
(c)
व्याख्या: पल्लव राजवंश ने दक्षिण भारत
(मुख्यतः आधुनिक तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के क्षेत्र) पर शासन किया था। पल्लवों
की प्रतिष्ठित राजधानी कांची या कांचीपुरम (तमिलनाडु) थी, जो उस समय शिक्षा, संस्कृति और कला (विशेषकर पल्लव
स्थापत्य कला) का एक महान केंद्र बनी।
Q135. ‘अलवार’ सन्त किस धर्म से
संबंधित थे ?
(a) बौद्ध
(b) जैन
(c) शैव
(d) वैष्णव
Answer – (d)
व्याख्या: दक्षिण भारत (तमिलनाडु) में मध्यकाल
में भक्ति आंदोलन की शुरुआत करने वाले संतों को दो प्रमुख भागों में बांटा गया था:
अलवार सन्त: जो भगवान विष्णु की आराधना करते थे
(वैष्णव भक्त)। इनकी संख्या 12 मानी गई है (जिनमें एकमात्र महिला संत ‘आंडाल’ भी शामिल थीं)।
नयनार सन्त: जो भगवान शिव के अनन्य भक्त थे (शैव
भक्त)। इनकी संख्या 63 थी।
Q136. गौतम बुद्ध के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गौतम बुद्ध के पिता शुद्धोधन
कपिलवस्तु के शाक्यों के गणराज्य के राजन थे ।
2. इनकी माता माया देवी कोशल की
राजकुमारी थी ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही
है/हैं ?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c)1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 और न ही
Answer –
(c)
व्याख्या: दिए गए दोनों ही कथन ऐतिहासिक रूप
से बिल्कुल सत्य हैं:
1.
गौतम बुद्ध के पिता शुद्धोधन कपिलवस्तु के शाक्य क्षत्रियों के
गणराज्य के प्रधान (राजन) थे। इसी कारण बुद्ध को ‘शाक्यमुनि’ भी कहा जाता है।
2.
इनकी माता माया देवी (महामाया) कोशल राज्य के कोलिय वंश की राजकुमारी थीं।
Q137. कल्याणी के चालुक्य शासक सोमेश्वर-I के विषय में निम्नलिखित कथनों पर
विचार कीजिए:
1. उसने आहवमल्ल की उपाधि धारण की थी ।
2. सोमेश्वर- I शैव मतावलंबी था ।
3. उसने चोल नृपति राजाधिराज-I पर आक्रमण किया था जिसमें चोल नरेश
वीरगति को प्राप्त हुए ।
4. सोमेश्वर को कुदल संगमम् स्थल पर हुए
युद्ध में चोलों से पराजय का सामना करना पड़ा ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही
है/हैं ?
(a) केवल 1 और 2
(b) 1, 2, 3 और 4 सभी
(c) केवल 2, 3 और 4
(d) केवल 1, 2 और 3
Answer –
(b)
व्याख्या: कल्याणी के चालुक्य वंश का प्रतापी
शासक सोमेश्वर-I (1042-1068 ई.) था और उसके संदर्भ में सभी चारों कथन सही हैं:
§
उसने ‘आहवमल्ल’ (युद्ध प्रेमी) की उपाधि ली और वह
कट्टर शैव था।
§
कोप्पम के प्रसिद्ध युद्ध (1052-54 ई.) में सोमेश्वर-I ने चोल राजा राजाधिराज-I पर घातक आक्रमण किया, जिसमें राजाधिराज युद्ध मैदान में
ही वीरगति को प्राप्त हुए।
§
इसके बाद कुदलसंगमम् के युद्ध (1064 ई.) में चोलों के अगले राजा वीरराजेंद्र
ने सोमेश्वर-I को करारी शिकस्त दी थी। अंततः
बीमारी और पराजय से दुखी होकर सोमेश्वर-I ने तुंगभद्रा नदी में डूबकर आत्मदाह (परमयोग) कर लिया था।
Q138. प्राकृत भाषा में लिखी गयी एक काव्यकृति ‘गौड़वहो’ की रचना किसने की ?
(a) वाक्पति
(b) हेमचन्द्र
(c) पम्पा
(d) वाग्भट्ट
Answer –
(a)
व्याख्या: ‘गौड़वहो’ (गौड-वध) प्राकृत भाषा का एक
ऐतिहासिक महाकाव्य है, जिसकी रचना कन्नौज के राजा यशोवर्मन
के दरबारी कवि वाक्पतिराज (वाक्पति) ने 8वीं शताब्दी में की थी। इस ग्रंथ में राजा यशोवर्मन द्वारा बंगाल
(गौड़ देश) के राजा के वध और उनकी सैन्य विजयों का विस्तृत गुणगान किया गया है।
Q139. हर्षवर्द्धन ने ‘कन्नौज परिषद्’ का आयोजन कब किया था ?
(a) 606 ई.
(b) 627 ई.
(c) 647 ई.
(d) 643 ई.
Answer –
(d)
व्याख्या: चीनी बौद्ध यात्री ह्वेनसांग (Xuanzang)
के सम्मान में तथा महायान बौद्ध
धर्म के सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार के लिए सम्राट हर्षवर्धन ने 643
ईस्वी में अपनी राजधानी कन्नौज में एक विशाल धार्मिक परिषद् का आयोजन किया था। इस सभा की
अध्यक्षता स्वयं ह्वेनसांग ने की थी और इसमें विभिन्न राज्यों के राजा, हजारों बौद्ध भिक्षु और विद्वान
शामिल हुए थे।
Q140. राष्ट्रकूटों के विषय में निम्न कथनों पर विचार कीजिए :
1. एलोरा के भव्य कैलाश मंदिर का निर्माण
राष्ट्रकूट शासक कृष्ण-I के काल में हुआ ।
2. अमोघवर्ष-I ने मान्यखेट में अपनी नई राजधानी का
निर्माण किया ।
3. इन्द्र-III ने कन्नौज पर कब्जा किया।4. 10वीं शताब्दी के अन्त में राष्ट्रकूटों
ने परमारों को परास्त किया ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन से कथन
सही हैं ?
(a) 1 और 2
(b) 1, 2 और 3
(c) 3 और 4
(d) 1, 3 और 4
Answer –
(b)
व्याख्या: राष्ट्रकूट राजवंश के संदर्भ में
कथनों का विश्लेषण इस प्रकार है:
1.
एलोरा (महाराष्ट्र) के विश्वप्रसिद्ध एकाश्मक कैलाश मंदिर का निर्माण राष्ट्रकूट राजा कृष्ण-I ने करवाया था। (कथन 1 सही है)
2.
राष्ट्रकूटों के महानतम शासक अमोघवर्ष-I ने मयूरखिंडी से हटाकर मान्यखेट (मालखेड) को अपनी नई राजधानी बनाया
था। (कथन 2 सही है)
3.
राष्ट्रकूट राजा इन्द्र-III ने प्रतिहार राजा महिपाल को हराकर
कन्नौज पर सफलतापूर्वक आक्रमण किया और नगर को लूटा था। (कथन 3 सही है)
4.
चौथा कथन गलत है क्योंकि 10वीं शताब्दी के अंत (973 ई.) में कल्याणी के चालुक्य राजा तैलप-II ने अंतिम राष्ट्रकूट राजा कर्क-II को परास्त कर राष्ट्रकूट साम्राज्य
का अंत किया था, न कि परमारों ने।
141. सूची -I को सूची – II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही
उत्तर चुनिए :
सूची-I (मौर्यकालीन प्रान्त)-
सूची-II (राजधानी)
A. उत्तरापथ
– 1. पाटलिपुत्र
B. दक्षिणापथ
– 2. तक्षशिला
C. प्राच्य
– 3. तोषलि
D. कलिंग
– 4. सुवर्णगिरि
कूट :
A B C D
(a) 2 4 1 3
(b) 1 2 3 4
(c) 4 3 2 1
(d) 3 1 24
Answer –
(a)
व्याख्या: मौर्य काल में सम्राट अशोक के समय
साम्राज्य 5 प्रमुख प्रांतों (चक्रों) में विभाजित
था। इन प्रांतों और उनकी राजधानियों का सही मिलान इस प्रकार है:
A. उत्तरापथ (उत्तर-पश्चिमी प्रांत) — 2. तक्षशिला
B. दक्षिणापथ (दक्षिणी प्रांत) — 4. सुवर्णगिरि
C. प्राच्य / प्रासी (पूर्वी/मध्य प्रांत) — 1. पाटलिपुत्र
D. कलिंग (तटीय प्रांत) — 3. तोषलि
अतः सही कूट अनुक्रम 2, 4, 1,
3 यानी विकल्प (a) है।
Q142. चोल साम्राज्य की प्रशासनिक इकाइयों को आरोही क्रम में व्यवस्थित
करें:
कुर्रम
मंडल
नाडु
कोट
(a) कुर्रम, नाडु, कोट्टम, मंडल
(b) नाडु, कुर्रम, मंडल, कोट्टम
(c) मंडल, कोट्टम, नाडु, कुर्रम
(d) कोट्टम, कुर्रम, मंडल, नाडु
Answer –
(a)
व्याख्या: चोल प्रशासन अपनी सुगठित स्थानीय
स्वायत्त शासन व्यवस्था के लिए प्रसिद्ध था। साम्राज्य का प्रशासनिक विभाजन बड़े
से छोटे क्रम में इस प्रकार था: मंडलम (प्रांत) → कोट्टम/वलनाडु (कमिश्नरी/जिला समूह) → नाडु (जिला) → कुर्रम/कोट्टम (गाँवों का समूह)।
चूँकि प्रश्न में आरोही क्रम (छोटे से बड़ा) पूछा गया है, इसलिए सबसे छोटी इकाई पहले आएगी: कुर्रम → नाडु → कोट्टम → मंडल।
Q143. निम्न में से किसने ‘विचित्रचित्त’ की उपाधि धारण की ?
(a) नरसिंह वर्मन
(c) पुलकेशिन I
(b) महेन्द्र बर्मन I
(d) पुलकेशिन II
Answer –
(b)
व्याख्या: पल्लव वंश के महान और प्रतापी राजा महेन्द्रवर्मन प्रथम (600–630
ई.) एक अत्यंत कुशल शासक होने के
साथ-साथ महान कवि, संगीतकार और वास्तुकार भी थे। उनके
बहुआयामी और अनोखे विचारों के कारण उन्हें ‘विचित्रचित्त’ (अनोखे मस्तिष्क वाला) की उपाधि दी
गई थी। उन्होंने प्रसिद्ध हास्य नाटक ‘मत्तविलास प्रहसन’ की रचना भी की थी और रॉक-कट
(चट्टानों को काटकर) मंदिर निर्माण की ‘महेन्द्र शैली’ की शुरुआत की थी।
Q144. निम्नलिखित सम्प्रदायों में से कौन सा एक शैव सम्प्रदाय नहीं है ?
(a) पाशुपत
(b) कापालिक
(c) लिंगायत
(d) वैभाषिक
Answer –
(d)
व्याख्या: वैभाषिक बौद्ध धर्म की हीनयान शाखा से
संबंधित एक प्रमुख दार्शनिक संप्रदाय है, जिसका विकास मुख्य रूप से कश्मीर में हुआ था। इसके विपरीत, पाशुपत (जिसके प्रवर्तक लकुलीश थे), कापालिक (जो भैरव को अपना आराध्य मानते थे)
और लिंगायत (या वीरशैव, जिसके प्रवर्तक अल्लभ प्रभु और
बसवेश्वर थे) ये तीनों भगवान शिव की उपासना करने वाले सुप्रसिद्ध शैव संप्रदाय हैं।
Q145. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे
दिए गए कूट से सही उत्तर को चुनिए :
सूची-I(ग्रन्थ)
– सूची-II(रचनाकार)
A. चतुर्वर्ग चिन्तामणि
– 1. हेमाद्रि
B. विवाद चिन्तामणि
– 2. वाचस्पति मिश्र
C. स्मृति विवेक
– 3. शूलपाणि
D. वीरकम्पराय चरितम्
– 4. गंगा देवी
कूट :
A B C D
(a) 1 2 3 4
(b) 2 1 4 3
(c) 3 2 1 4
(d) 4 3 2 1
Answer –
(a)
व्याख्या: प्राचीन और मध्यकालीन साहित्यिक
ग्रंथों व उनके रचनाकारों का सही मिलान इस प्रकार है:
A. चतुर्वर्ग चिन्तामणि —
1. हेमाद्रि (ये देवगिरि के यादव
राजाओं के दरबार में मंत्री और प्रकांड विद्वान थे)
B. विवाद चिन्तामणि —
2. वाचस्पति मिश्र (मिथिला के
सुप्रसिद्ध न्यायशास्त्र और स्मृति ग्रंथकार)
C. स्मृति विवेक —
3. शूलपाणि (बंगाल के प्रसिद्ध
धर्मशास्त्री और लेखक)
D. वीरकम्पराय चरितम् —
4. गंगा देवी (विजयनगर साम्राज्य के
कुमार कंपन की पत्नी, जिन्होंने अपने पति की मदुरै विजय
का संस्कृत महाकाव्य में वर्णन किया है। इसे ‘मदुरा विजयम’ भी कहते हैं)
अतः सही अनुक्रम 1, 2,
3, 4 यानी विकल्प (a) है।
Q146. परमार शासक भोज द्वारा लिखित महत्त्वपूर्ण ग्रन्थों पर विचार कीजिए।
इन कथनों में से कौन सा/से सत्य है/हैं ?
1. ‘समरांगण सूत्रधार’ प्राचीन भारतीय वास्तुशास्त्र से
संबंधित ज्ञान कोशीय ग्रन्थ है ।
2. ‘सरस्वती कंठाभरण’ संगीत से संबंधित ग्रन्थ है ।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर दीजिए:
कूट :
(a) केवल 2 सही है ।
(b) न तो 1 और न ही 2 सही है।
(c) 1 और 2 दोनों सही हैं ।
(d) केवल 1 सही है।
Answer –
(d)
व्याख्या: धारा नगरी के राजा भोज (परमार वंश)
इतिहास में अपनी विद्वत्ता के लिए विख्यात थे। उनके ग्रंथों का विश्लेषण इस प्रकार
है:
‘समरांगण सूत्रधार’ राजा भोज द्वारा लिखित
वास्तुशास्त्र (Architecture), नगर नियोजन और यंत्र-विज्ञान से संबंधित एक अत्यंत प्रसिद्ध
ज्ञानकोशीय (Encyclopedic) ग्रंथ है। (कथन 1 बिल्कुल सही है)
‘सरस्वती कंठाभरण’ संगीत का नहीं, बल्कि काव्यशास्त्र और व्याकरण (Rhetoric
& Grammar) से संबंधित एक अत्यंत विख्यात ग्रंथ
है। (अतः कथन 2 गलत है)
Q147. मुक्तापीड ललितादित्य निम्न में से किस वंश से सम्बन्धित था ?
(a) कदम्ब
(b) लोहर
(c) कार्कोट
(d) उत्पल
Answer –
(c)
व्याख्या: ललितादित्य मुक्तापीड (724-760
ई.) कश्मीर के कार्कोट राजवंश के सबसे शक्तिशाली और पराक्रमी
सम्राट थे। उन्हें “कश्मीर का सिकंदर” भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने तिब्बत, लद्दाख और मध्य एशिया से लेकर भारत
के बड़े हिस्से (कन्नौज के राजा यशोवर्मन को हराकर) पर विजय प्राप्त की थी।
उन्होंने ही कश्मीर के विश्वप्रसिद्ध मार्तंड सूर्य मंदिर का निर्माण करवाया था।
Q148 ‘ब्रह्मसूत्र’ की रचना निम्न में से किसने की थी ?
(a) शंकराचार्य
(b) बादरायण
(c) रामानुज
(d) माध्वाचार्य
Answer –
(b)
व्याख्या: वेदान्त दर्शन (Vedanta
Philosophy) के मूल आधार स्तंभ ग्रंथ ‘ब्रह्मसूत्र’ (जिसे वेदान्त सूत्र भी कहा जाता है)
की रचना महर्षि बादरायण ने की थी। इस ग्रंथ में उपनिषदों के दार्शनिक सिद्धांतों को
संक्षिप्त सूत्रों में पिरोया गया है। आगे चलकर आदि शंकराचार्य, रामानुजाचार्य और मध्वाचार्य जैसे
महान दार्शनिकों ने इसी ब्रह्मसूत्र पर अपने-अपने प्रसिद्ध भाष्य (Commentaries)
लिखे थे।
Q149. ‘मिलिन्दपन्हों’ किस भाषा में लिपिबद्ध किया गया था ?
(a) पालि
(b) प्राकृत
(c) संस्कृत
(d) अपभ्रंश
Answer –
(a)
व्याख्या: ‘मिलिन्दपन्हों’ (जिसका अर्थ है – ‘मिलिन्द के प्रश्न’) एक अत्यंत प्रसिद्ध बौद्ध ग्रंथ है।
इसमें यूनानी (इण्डो-ग्रीक) राजा मिनाण्डर (मिलिन्द) और बौद्ध भिक्षु नागसेन के
बीच हुए गहन दार्शनिक संवाद का संग्रह है। बौद्ध धर्म के सिद्धांतों को सरल रूप
में समझाने वाला यह ग्रंथ मूल रूप से पालि भाषा में लिखा गया था। इस संवाद के बाद
राजा मिनाण्डर ने बौद्ध धर्म अपना लिया था।
Q150. समुद्रगुप्त द्वारा पराजित किये गये राजाओं में निम्नलिखित में से
कौन सा राजा आर्यावर्त का नहीं है ?
(a) रुद्रदेव
(b) नागदत्त
(c) बलवर्मा
(d) व्याघ्रराज
Answer –
(d)
व्याख्या: प्रयाग प्रशस्ति के अनुसार, गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त ने उत्तर
भारत (आर्यावर्त) और दक्षिण भारत (दक्षिणापथ) के लिए दो अलग-अलग नीतियां अपनाई
थीं:
§
रुद्रदेव, नागदत्त और बलवर्मा आर्यावर्त (उत्तर भारत) के राजा थे, जिनका समुद्रगुप्त ने ‘प्रसभोद्धरण’ (समूल नाश) कर उनके राज्यों को सीधे
गुप्त साम्राज्य में मिला लिया था।
§
इसके विपरीत, व्याघ्रराज महाकांतार (मध्य भारत/उड़ीसा-मप्र की सीमा का वनाच्छादित क्षेत्र)
के राजा थे, जो दक्षिणापथ (दक्षिण भारत) के राजाओं की सूची में आते हैं।
समुद्रगुप्त ने उनके प्रति ‘ग्रहण-मोक्षानुग्रह’ (जीतकर मुक्त करने) की नीति अपनाई थी।
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