UKPSC History 2025 paper 1 (Q 1 to 50

 

Q1.दक्षिण पूर्वी एशिया के किस देश में चतुर्भुजाकार और ईंटों का बना आनंद मंदिरस्थित है?
(a) बर्मा
(b)
जावा
(c)
कंबोडिया
(d)
अन्नाम
Answer – (a)

व्याख्या: आनंद मंदिर (Ananda Temple) म्यांमार (पुराना नाम बर्मा) के प्राचीन शहर पगान’ (Bagan) में स्थित एक प्रसिद्ध बौद्ध मंदिर है। इसका निर्माण 1105 ईस्वी में राजा क्यानजित्था (Kyanzittha) के शासनकाल के दौरान हुआ था। यह मंदिर स्थापत्य कला का एक अद्भुत नमूना है, जिसका लेआउट चतुर्भुजाकार (Cruciform) है।

Q2. सूची – I को सूची – II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
सूची-I (लेखक)           –         सूची-II (पुस्तक)
A. ब्रह्मगुप्त                     –           1. सिद्धांत शिरोमणि
B.
संध्याकर नन्दी            –           2. ब्रह्मस्फुटसिद्धांत
C.
वराहमिहिर                 –           3. रामचरित
D.
भास्कर-II                 –           4. पंच सिद्धांतिका
कूट :
A B C D
(a) 2 3 4 1
(b) 2 3 1 4
(c) 2 4 3 1
(d) 1 2 3 4

Answer – (a)

व्याख्या: लेखकों और उनकी प्रसिद्ध पुस्तकों का सही मिलान इस प्रकार है:
A.
ब्रह्मगुप्त – 2. ब्रह्मस्फुटसिद्धांत (प्राचीन भारतीय गणित और खगोल विज्ञान का महान ग्रंथ)
B.
संध्याकर नंदी – 3. रामचरित (पाल वंश के राजा रामपाल के जीवन पर आधारित ऐतिहासिक काव्य)
C.
वराहमिहिर – 4. पंच सिद्धांतिका (खगोल शास्त्र का महत्वपूर्ण ग्रंथ)
D.
भास्कर-II – 1. सिद्धांत शिरोमणि (इसके चार भाग हैं: लीलावती, बीजगणित, गणिताध्याय और गोलाध्याय)

Q3. नालन्दा के स्तूपों और भवनों को पहली बार किसके द्वारा नष्ट किया गया था ?
(a)
महमूद गजनी
(b)
मुहम्मद बख्तियार खिलजी
(c)
शशांक
(d)
मिहिरकुल
Answer – (b)

व्याख्या: 12वीं शताब्दी के अंत में (लगभग 1193 ई. या उसके बाद) कुतुबुद्दीन ऐबक के सैन्य कमांडर मुहम्मद बख्तियार खिलजी ने बिहार पर आक्रमण किया और विश्व प्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय (जिसमें महान स्तूप और भवन शामिल थे) को पूरी तरह नष्ट कर दिया तथा उसकी अमूल्य लाइब्रेरी में आग लगा दी थी।

Q4. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
सूची-I (स्थल)    –           सूची-II (महत्त्व)
A.
अरिकमेडु      –           1. चोलों की प्रथम राजधानी
B.
उरैयूर            –           2. पांड्यों का पत्तन
C.
करूर            –           3. चेरों की राजधानी
D.
कोरकै           –           4. प्राचीन भारत-रोम व्यापारिक पत्तन
कूट :
A B C D
(a) 1 4 3 2
(b) 1 3 2 4
(c) 4 1 3 2
(d) 4 1 2 3
Answer – (c)

व्याख्या: संगम कालीन और प्राचीन स्थलों का उनके महत्व के आधार पर सही मिलान:
A.
अरिकमेडु – 4. प्राचीन भारत-रोम व्यापारिक पत्तन (पुडुचेरी के पास स्थित, यहाँ से रोमन सिक्के और बर्तन मिले हैं)
B.
उरैयूर – 1. चोलों की प्रथम राजधानी (यह कपास/सूती कपड़े के व्यापार के लिए भी प्रसिद्ध था)
C.
करूर – 3. चेरों की राजधानी (इसे वांजी या करूर भी कहा जाता था)
D.
कोरकै – 2. पांड्यों का पत्तन (यह मोतियों को निकालने के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध बंदरगाह था)

Q5. उमापतिधर, गोवर्धन, धोयी तथा जयदेव किस शासक के राजदरबार में पंचरत्न थे ?
(a) धर्मपाल
(b)
कृष्णदेव राय
(c)
लक्ष्मण सेनसारन
(d)
गौतमीपुत्र शातकर्णी
Answer – (c)

व्याख्या: बंगाल के सेन वंश के प्रसिद्ध शासक राजा लक्ष्मण सेन के दरबार में पाँच महान कवि और विद्वान रहते थे, जिन्हें पंचरत्नकहा जाता था। इनमें गीतगोविंदके रचयिता जयदेव, ‘पवनदूतके रचयिता धोयीउमापतिधरगोवर्धन (आर्याशप्तशती के लेखक) और शरण शामिल थे।

Q6. निम्नलिखित में से किस ग्रन्थ को शतसाहस्त्री संहिताभी कहा जाता है ?
(a) ऋग्वेद
(b)
यजुर्वेद
(c)
महाभारत
(d)
सामवेद
Answer – (c)

व्याख्या: महाभारत को शतसाहस्त्री संहिताकहा जाता है क्योंकि इसमें मूल रूप से श्लोकों की संख्या बढ़ते-बढ़ते 1 लाख (1,00,000) हो गई थी (शतयानी सौ, ‘साहस्रयानी हजार = एक लाख)। शुरुआत में इसमें 8,800 श्लोक थे तब इसे जय संहिताकहा जाता था, फिर 24,000 श्लोक होने पर इसे भारतकहा गया।

Q7. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?
(
पुस्तक)                    –         (लेखक)
(a)
बल्लालचरित            –           आनंदभट्ट
(b)
कुमारपालचरित         –           राजशेखर
(c)
रामचरित                  –           संध्याकर नंदी
(d)
मूषिकवंश                 –           अतुल
Answer – (b)

व्याख्या: ‘कुमारपालचरित’ (या द्वयाश्रय काव्य) के वास्तविक लेखक प्रसिद्ध जैन विद्वान हेमचंद्र हैं (न कि राजशेखर)। बाकी सभी विकल्प सही सुमेलित हैं: बल्लालचरित के लेखक आनंदभट्ट हैं, रामचरित के संध्याकर नंदी हैं, और केरल के मूसक राजवंश के इतिहास पर आधारित मूषिकवंश के लेखक अतुल हैं।

Q8. निम्नलिखित में से कौन एक त्रिमुनिव्याकरणम्’ (तीन विचारकों के द्वारा प्रतिपादित व्याकरण) में सम्मिलित नहींहै ?
(a)
सायनाचार्य
(b)
पाणिनि
(c)
पतंजलि
(d)
कात्यायन
Answer – (a)

व्याख्या: संस्कृत व्याकरण के इतिहास में तीन महान विद्वानों को त्रिमुनिकहा जाता है: पाणिनि (अष्टाध्यायी के लेखक)कात्यायन / वररुचि (वार्तिक के लेखक) और पतंजलि (महाभाष्य के लेखक)। सायनाचार्य विजयनगर साम्राज्य के समय के वेदों के प्रसिद्ध भाष्यकार थे, वे व्याकरण के त्रिमुनि में शामिल नहीं हैं। 

Q9. यूनानी लिपि में अंकित राबातक अभिलेख किस राजवंश की वंशावली पर महत्त्वपूर्ण प्रकाश डालता है ?
(a) कुषाण
(b)
पार्थियन
(c)
इंडो-ग्रीक
(d)
शक
Answer – (a)

व्याख्या: राबातक अभिलेख (Rabatak Inscription) अफगानिस्तान में मिला एक प्रसिद्ध शिलालेख है जो बैक्ट्रियन भाषा और ग्रीक (यूनानी) लिपि में लिखा गया है। यह कुषाण वंश के सबसे प्रतापी राजा कनिष्क के समय का है। यह अभिलेख कुषाण राजाओं (कुजुल कडफिसेस, विम तकटू, विम कडफिसेस और कनिष्क) की वंशावली और कनिष्क के साम्राज्य की सीमाओं को समझने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

Q10. सूची -I को सूची -II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
सूची-I (अधिकारी)        –         सूची-II(कार्य)
A. पण्याध्यक्ष                  –           1. बाज़ार का अधीक्षक
B.
संस्थाध्यक्ष                 –           2. खानों का अधीक्षक
C.
आकराध्यक्ष               –           3. व्यापार का प्रभारी
D.
पौतवाध्यक्ष                –           4.मानककृत माप और बाट को निर्धारित करने वाला प्रभारी
कूट :
A B C D
(a) 2 1 3 4
(d) 2 3 4 1
(c) 3 2 1 4
(d) 3 1 2 4

Answer – (d)

व्याख्या: मौर्य काल (कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार) के प्रशासनिक अधिकारियों और उनके कार्यों का सही सुमेल:
A.
पण्याध्यक्ष – 3. व्यापार का प्रभारी (Commerce/Trade का अध्यक्ष)
B.
संस्थाध्यक्ष – 1. बाज़ार का अधीक्षक (Markets और व्यापारिक मार्गों की देखरेख करने वाला)
C.
आकराध्यक्ष – 2. खानों का अधीक्षक (Mines/खनिज विभाग का प्रमुख)
D.
पौतवाध्यक्ष – 4. मानककृत माप और बाट को निर्धारित करने वाला प्रभारी (Weights and Measures का प्रमुख)

Q11. सर्वाधिक वाकाटक अभिलेख किस शासक के शासनकाल से संबंधित है ?
(a) प्रवरसेन I
(b)
प्रवरसेन II
(c)
पृथ्वीसेन I
(d)
रुद्रसेन II
Answer – (b)

व्याख्या: वाकाटक राजवंश के राजा प्रवरसेन द्वितीय (Pravarasena II) के शासनकाल के सबसे अधिक अभिलेख (ताम्रपत्र और शिलालेख) प्राप्त हुए हैं। वह गुप्त शासक चंद्रगुप्त द्वितीय के नाती और प्रभावतीगुप्ता के पुत्र थे। प्रवरसेन द्वितीय ने सेतुबंधनामक एक प्रसिद्ध प्राकृत काव्य की रचना भी की थी।

Q12. ‘ इलाहाबाद स्तंभ अभिलेख में किसे लिच्छवि-दौहित्रके नाम से उद्धृत किया गया है ?
(a) हरिषेण
(b)
समुद्रगुप्त
(c)
कुमारगुप्त II
(d)
चन्द्रगुप्त II
Answer – (b)

व्याख्या: प्रयाग प्रशस्ति (इलाहाबाद स्तंभ अभिलेख) में गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त को लिच्छवि-दौहित्र’ (लिच्छवि कन्या का पुत्र या नाती) कहा गया है। समुद्रगुप्त के पिता चंद्रगुप्त प्रथम ने लिच्छवि राजकुमारी कुमारदेवीसे विवाह किया था, और समुद्रगुप्त को अपनी इस लिच्छवि वंशावली पर अत्यधिक गर्व था।

Q13. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?
(
राजवंश)                   –         (सत्ता केन्द्र)
(a)
काकतीय                  –           वारंगल
(b)
होयसल                   –           द्वारसमुद्र
(c)
पांड्य                       –           कलिंग
(d)
चालुक्य                   –           बादामी
Answer – (c)

व्याख्या: पांड्य राजवंश का सत्ता-केंद्र या राजधानी मदुरै (तमिलनाडु) थी, न कि कलिंग (ओडिशा)। बाकी सभी विकल्प सही सुमेलित हैं:

§  काकतीय वंश की राजधानी वारंगल थी।

§  होयसल वंश की राजधानी द्वारसमुद्र (आधुनिक हलेबिडू) थी।

§  चालुक्यों (प्रारंभिक) का मुख्य केंद्र बादामी (वातापी) था।

Q14. वास्तुपाल तथा तेजपाल द्वारा सफेद संगमरमर से निर्मित माउंट आबू स्थित जैन मंदिर किस राजवंश से संबंधितहै ?
(a) चन्देल
(b)
परमार
(c)
राष्ट्रकूट
(d)
चालुक्य (सोलंकी)
Answer – (d)

व्याख्या: राजस्थान के माउंट आबू में स्थित प्रसिद्ध दिलवाड़ा जैन मंदिरका निर्माण गुजरात के चालुक्य/सोलंकी राजवंश के समय हुआ था। सोलंकी राजा भीमदेव प्रथम के मंत्री विमल शाह ने यहाँ विमल वसहीमंदिर बनवाया, और बाद में राजा वीरधवल के दो मंत्रियों वास्तुपाल और तेजपाल ने 1230 ईस्वी में यहाँ सफेद संगमरमर से अद्भुत लून वसही’ (नेमिनाथ मंदिर) का निर्माण कराया था।

Q15. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मथुरा और वल्लभी में एक साथ दो जैन परिषदें (सभाएँ) बुलाई गई थीं ।
2.
मथुरा तथा वल्लभी प्राचीन भारत में श्वेतांबर जैन धर्म के प्रमुख गढ़ थे ।
3.
उत्तरी बंगाल में पुण्ड्रवर्धन दिगंबर पंथ का केन्द्र था ।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं ?
(a) इनमें से कोई भी नहीं
(b) 1
सही है।
(c) 2
सही है।
(d)
तीनों सही हैं।
Answer – (d)

व्याख्या:
1. चौथी-पाँचवीं शताब्दी ईस्वी (लगभग 313 ई. या 453 ई.) में जैन धर्म की दो अलग-अलग परिषदें एक ही समय पर मथुरा (आर्य स्कंदिल की अध्यक्षता में) और वल्लभी (नागार्जुन की अध्यक्षता में) में बुलाई गई थीं ताकि लुप्त हो रहे जैन ग्रंथों का संकलन किया जा सके। (कथन 1 सही है)
2.
प्राचीन काल में मथुरा और गुजरात का वल्लभी दोनों ही श्वेतांबर जैन संप्रदाय के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण केंद्र थे। (कथन 2 सही है)
3.
उत्तरी बंगाल का पुण्ड्रवर्धन क्षेत्र दिगंबर जैन संप्रदाय का एक बहुत बड़ा गढ़ था, जहाँ से भद्रबाहु के संप्रदाय का गहरा जुड़ाव था। (कथन 3 सही है)

Q16. निम्नलिखित में से कौन सा सही सुमेलित नहीं है ?
(
शासक)         –         (वंश)
(a)
कोक्कल-I    –           चंदेल
(b)
भोज            –           गुर्जर-प्रतिहार
(c)
मूलराज – I  –           चालुक्य
(d)
इन्द्र-III        –           राष्ट्रकूट
Answer – (a)

व्याख्या: कोक्कल प्रथम (Kokkala I) चंदेल वंश का नहीं, बल्कि त्रिपुरी के कलचुरी राजवंश का संस्थापक था। बाकी सभी राजा अपने वंश से सही सुमेलित हैं: राजा भोज गुर्जर-प्रतिहार वंश के प्रतापी राजा थे, मूलराज प्रथम ने गुजरात के चालुक्य (सोलंकी) वंश की स्थापना की थी, और इंद्र तृतीय राष्ट्रकूट वंश के एक शक्तिशाली शासक थे।

Q17. निम्नलिखित में से कौन सा गणितज्ञ मान्यखेट के राष्ट्रकूट शासक अमोघवर्ष नृपतुंग के दरबार में रहता था ?
(a)
भास्कर II
(b)
महावीराचार्य
(c)
भास्कर
(d)
ब्रह्मगुप्त
Answer – (b)

व्याख्या: 9वीं शताब्दी के प्रसिद्ध जैन गणितज्ञ महावीराचार्य, राष्ट्रकूट राजा अमोघवर्ष प्रथम के राजदरबार को सुशोभित करते थे। उन्होंने गणितसारसंग्रह नामक एक अत्यंत महत्वपूर्ण गणितीय ग्रंथ की रचना की थी, जिसमें उन्होंने ब्रह्मगुप्त के कार्यों को आगे बढ़ाया और कई नए गणितीय सिद्धांत दिए।

Q18. सूची -I को सूची -II से सुमेलित कीजिये तथा सूचियों के नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिये :
सूची-I (पुरास्थल) सूची -II (राज्य)
A. मीताथल                   –           1. गुजरात
B.
लोथल                      –           2. पंजाब
C.
संघोल                      –           3. राजस्थान
D.
कालीबंगा                 –           4. हरियाणा
कूट :
A B C D
(a) 1 2 3 4
(b) 2 4 1 3
(c) 4 1 2 3
(d) 3 1 4 2
Answer – (c)

व्याख्या: सिंधु घाटी सभ्यता (हड़प्पा सभ्यता) के प्रमुख पुरास्थलों और उनके राज्यों का सही मिलान इस प्रकार है:
A.
मीताथल – 4. हरियाणा (भिवानी जिले में स्थित)
B.
लोथल – 1. गुजरात (अहमदाबाद जिले में भोगवा नदी के तट पर स्थित प्रसिद्ध गोदीवाड़ा/बंदरगाह)
C.
संघोल – 2. पंजाब (फतेहगढ़ साहिब जिले में स्थित)
D.
कालीबंगा – 3. राजस्थान (हनुमानगढ़ जिले में स्थित, जहाँ से जुते हुए खेत के साक्ष्य मिले हैं) 

Q19. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
सूची-I(पुरातत्वविद् / विद्वान)       –         सूची -II (सिन्धु घाटी सभ्यता के पतन के कारण)
A. शिरीन रत्नागर                        –           1. मेसोपोटामिया के साथ व्यापार की अवनति
B.
मॉर्टीमर व्हीलर                       –           2. आर्यों का आक्रमण
C.
गुरदीप सिंह                            –           3. शुष्क जलवायु
D.
जॉर्ज डेल्स                             –           4. विवर्तनिक (टेक्टॉनिक) हलचलों के कारण बाढ़ के आने से
कूट :
A B C D
(a) 1 3 2 4
(b) 1 2 4 3
(c) 2 1 3 4
(d) 1 2 3 4
Answer – (d)

व्याख्या: सिंधु घाटी सभ्यता के पतन के कारणों पर अलग-अलग इतिहासकारों के मत बिल्कुल आमने-सामने सही सुमेलित दिए गए हैं:
A.
शिरीन रत्नागर – 1. मेसोपोटामिया के साथ विदेशी व्यापार में गिरावट/अवनति को पतन का मुख्य कारण मानती हैं।
B.
मॉर्टीमर व्हीलर – 2. आर्यों के बाह्य आक्रमण और ऋग्वेद में वर्णित पुरंदर’ (इंद्र) को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हैं।
C.
गुरदीप सिंह – 3. वनस्पति और पराग विश्लेषण के आधार पर शुष्क जलवायु और कम वर्षा (सूखा) को कारण मानते हैं।
D.
जॉर्ज डेल्स – 4. विवर्तनिक (टेक्टॉनिक) हलचलों के कारण नदियों के मार्ग बदलने और भीषण बाढ़ आने को पतन का कारण बताते हैं।

Q20. बाँसखेड़ा तथा मधुबन अभिलेखों में उल्लेखित तुल्यमेयएक था
(a) अन्न में राजा का हिस्सा
(b)
वस्तु के रूप में कर
(c)
आवधिक प्रसाद
(d)
वजन एवं माप के अनुसार माल पर लगाया गया कर
Answer – (d)

व्याख्या: वर्धन राजवंश के राजा हर्षवर्धन के समय के प्रसिद्ध बाँसखेड़ाऔर मधुबनताम्रपत्र अभिलेखों में राजस्व और करों का विवरण मिलता है। इनमें प्रयुक्त शब्द तुल्यमेय दो भागों से बना है — ‘तुल्य’ (तोलने योग्य वस्तुएं) और मेय’ (मापने योग्य वस्तुएं)। अतः वजन और माप के आधार पर व्यापारिक वस्तुओं या अनाजों पर जो टैक्स/मालकर लगाया जाता था, उसे सामूहिक रूप से तुल्यमेयकहा जाता था।

Q21. ‘रत्नसागर’, ‘रत्नरंजकतथा रत्नोदधिप्राचीन भारत में निम्न में से किसके प्रसिद्ध नाम थे ?
(a)
नालंदा महाविहार के पुस्तकालय
(b)
बंगाल की खाड़ी के पत्तन
(c)
रत्नों से भरे राजराजा मंदिर
(d)
रोम के स्वर्ण सिक्कों के भंडारगृह
Answer – (a)

व्याख्या: विश्व प्रसिद्ध प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय (महाविहार) का पुस्तकालय (Library) अत्यंत विशाल और भव्य था, जिसे सामूहिक रूप से धर्मगंज कहा जाता था। यह पुस्तकालय तीन मुख्य इमारतों में बंटा हुआ था, जिनके नाम रत्नसागर’ (रत्नों का समुद्र), ‘रत्नरंजक’ (रत्नों से रंजित) और रत्नोदधि’ (रत्नों का सागर) थे। इनमें से रत्नोदधि नौ मंजिला विशाल इमारत थी जिसमें अत्यंत दुर्लभ पांडुलिपियां रखी गई थीं।

Q22. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1.
ऋग्वेद में सर्वाधिक संख्या में सूक्त इन्द्र को समर्पित है।
2.
अग्नि मनुष्यों और देवताओं के बीच मध्यस्थ का कार्य करती थी ।
3.
प्रसिद्ध गायत्री मंत्र अदिति को संबोधित है ।
उपर्युक्त में से कौन से कथन सही हैं ?
(a) केवल 1 और 3
(b)
केवल 2 और 3
(c)
केवल 1 और 2
(d) 1, 2
और 3

Answer – (c)

व्याख्या:
1. ऋग्वेद में सबसे प्रमुख देवता इंद्र हैं, जिन्हें पुरंदर’ (किलों को तोड़ने वाला) भी कहा गया है। उन्हें सर्वाधिक 250 सूक्त समर्पित हैं। (कथन 1 बिल्कुल सही है)
2.
ऋग्वेद में दूसरे सबसे महत्वपूर्ण देवता अग्नि हैं (200 सूक्त)। उन्हें मनुष्यों द्वारा दी गई आहुतियों को देवताओं तक पहुँचाने वाला यानी मध्यस्थ’ (Intermediary) माना गया है। (कथन 2 बिल्कुल सही है)
3.
ऋग्वेद के तीसरे मंडल में उल्लेखित प्रसिद्ध गायत्री मंत्रमाता अदिति को नहीं, बल्कि सविता (सूर्य देवता) को संबोधित है। (कथन 3 गलत है)

Q23. किस शिव उपासक चालुक्य शासक ने जैन धर्म अपनाया और जैन मन्दिरों को संरक्षण प्रदान किया ?
(a)
अजयपाल
(b)
सोमेश्वर
(c)
मूलराज II
(d)
कुमारपाल
Answer – (d)

व्याख्या: गुजरात के चालुक्य (सोलंकी) वंश का राजा कुमारपाल प्रारंभ में शिव का अनन्य भक्त (शैव) था। परंतु बाद में वह महान जैन विद्वान और आचार्य हेमचंद्र के प्रभाव में आया और उसने जैन धर्म अपना लिया। उसने अपने राज्य में पशु-वध पर रोक लगा दी (अहिंसा का पालन करवाया) और कई प्रसिद्ध जैन मंदिरों का निर्माण व जीर्णोद्धार करवाया था।

Q24. निम्नलिखित चोल शासकों में किसका प्रारंभिक नाम अरिमोलिवर्मनथा ?
(a)
राजेन्द्र I
(b)
राजाधिराज
(c)
राजेन्द्र II
(d)
राज राज
Answer – (d)

व्याख्या: चोल साम्राज्य के सबसे महान और प्रतापी शासकों में से एक राजराज प्रथम (Rajaraja I) का प्रारंभिक या वास्तविक नाम अरिमोलिवर्मन (Arimolivarman) था। 985 ईस्वी में राज्याभिषेक के बाद उन्होंने राजराजकी उपाधि धारण की। उन्होंने ही तंजौर में प्रसिद्ध बृहदेश्वर मंदिर’ (राजराजेश्वर मंदिर) का निर्माण कराया था।

Q25. निम्न में से कौन सा दक्षिण भारतीय राजा अपने वंश के साथ में सही सुमेलित नहीं है ?
(
राजा)            –         (वंश)
1. नेदुनजेरल अदन –        चोल
2.
नेदियन           –           पांड्य
3.
करिकाल       –           चेर
सही युग्म का चयन करें:
(a) 1 और 2
(b) 2
और 3
(c) 1
और 3
(d) 1, 2
और 3
Answer – (c)

व्याख्या: प्रश्न में पूछा गया है कि कौन से युग्म सही सुमेलित नहीं हैं:

1.       नेदुनजेरल अदन – यह चोल वंश का नहीं, बल्कि चेर वंश का एक प्रसिद्ध राजा था (जिसने अधिराजकी उपाधि ली थी)। (अतः यह गलत सुमेलित है)

2.      नेदियन – यह पांड्य वंश का प्रारंभिक राजा था, जिसने समुद्र पूजा शुरू करवाई थी। (यह सही सुमेलित है)

3.      करिकाल – यह चेर वंश का नहीं, बल्कि प्रारंभिक चोल वंश का सबसे महान राजा था, जिसने पुहार (कावेरीपट्टनम) की स्थापना की थी। (अतः यह भी गलत सुमेलित है)

चूँकि 1 और 3 गलत सुमेलित हैं, इसलिए विकल्प (c) सही उत्तर है।

Q26. निम्न में से किस चालुक्य शासक का दरबार महान जैन विद्वान हेमचन्द्र से सुशोभित था ?
(a) जयसिम्हा सिद्धराजा
(b)
भीम
(c)
कर्ण
(d)
कुमारपाल
Answer – (a)

व्याख्या: गुजरात के सोलंकी/चालुक्य वंश के महान राजा जयसिंह सिद्धराज के दरबार में प्रसिद्ध जैन मुनि और प्रकांड विद्वान आचार्य हेमचंद्र रहते थे। सिद्धराज के अनुरोध पर ही हेमचंद्र ने सिद्धहेमशब्दानुशासननामक एक बहुत ही प्रसिद्ध व्याकरण ग्रंथ की रचना की थी। सिद्धराज के बाद उनके उत्तराधिकारी कुमारपाल ने भी हेमचंद्र को अपना गुरु माना और राज्य का सर्वोच्च संरक्षण दिया था।

Q27. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. हाथीगुम्फा अभिलेख खारवेल के प्रारंभिक तेरह वर्षों की घटनाओं का विवरण देता है ।
2.
खारवेल ने कलिंगाधिपतिकी उपाधि धारण की।
3.
खारवेल उत्साही जैन था ।
ऊपर दिये गये कथनों में कौन सा/से सही है/हैं ?
(a) केवल 1 और 2
(b)
केवल 1 और 3
(c)
केवल 2 और 3
(d) 1, 2
और 3
Answer – (d)

व्याख्या: कलिंग (ओडिशा) के चेदि वंश के राजा खारवेल के बारे में तीनों कथन पूरी तरह सही हैं:
1.
ओडिशा के उदयगिरि पहाड़ी पर स्थित बिना तिथि का हाथीगुम्फा अभिलेख खारवेल के इतिहास का मुख्य स्रोत है, जो उनके शासन के शुरूआती 13 वर्षों का क्रमबद्ध विवरण देता है।
2.
इस अभिलेख में खारवेल को कलिंगाधिपति’ (कलिंग का स्वामी) और चक्रवर्तीकहा गया है।
3.
खारवेल प्राचीन भारतीय इतिहास में जैन धर्म का एक बहुत बड़ा और उत्साही संरक्षक (उपासक) था, जिसने जैन मुनियों के लिए गुफाओं का निर्माण करवाया था। 

Q28. बंगाल का शासक कौन था जब बख्तियार खिलजी ने नदिया पर अधिकार किया ?
(a) विजय सेन
(b)
लक्ष्मण सेन
(c)
रामपाल
(d)
मदनपाल
Answer – (b)

व्याख्या: लगभग 1202-1204 ईस्वी के दौरान जब कुतुबुद्दीन ऐबक के सेनापति इख्तियारुद्दीन मुहम्मद बख्तियार खिलजी ने बंगाल की अस्थायी राजधानी नदिया’ (लखनौती) पर अचानक आक्रमण किया, तब वहाँ सेन वंश के वृद्ध राजा लक्ष्मण सेन शासन कर रहे थे। खिलजी के अचानक हमले से घबराकर वे महल के पिछले दरवाजे से अपनी जान बचाकर पूर्वी बंगाल (विक्रमपुर) चले गए थे।

Q29. नीचे दो कथन दिए गए हैं । एक को कथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है । कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
कथन (A) : मेगस्थनीज ने भारत को दासविहीन घोषित किया ।
कारण (R) : दासता भारत के समाज में प्रतिबंधित थी, जिसका कौटिल्य के अर्थशास्त्र में उल्लेख है।
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (A) की सही व्याख्या (R) है ।
(b) (A)
और (R) दोनों सही है, किन्तु (A) की सही व्याख्या (R) नहीं है।
(c) (A)
सही है, किन्तु (R) गलत है ।
(d) (A)
गलत है, किन्तु (R) सही है ।
Answer – (c)

व्याख्या:

कथन (A) सही है: यूनानी राजदूत मेगस्थनीज ने अपनी पुस्तक इंडिकामें स्पष्ट लिखा है कि सभी भारतीय समान हैं और उनमें से कोई भी दास (गुलाम) नहीं है।उसने भारत को दासविहीन घोषित किया था। 

कारण (R) गलत है: मौर्यकालीन भारत में दासता (Slavery) प्रतिबंधित नहीं थी। आचार्य कौटिल्य ने अपने ग्रंथ अर्थशास्त्रमें विस्तृत रूप से 9 प्रकार के दासों का उल्लेख किया है और उनके अधिकारों व मुक्ति के नियम बताए हैं। मेगस्थनीज भारतीय समाज में दासों के प्रति अच्छे व्यवहार (घरेलू नौकरों की तरह रखने) को देखकर यूनान की क्रूर दास प्रथा और भारत की स्थिति में अंतर नहीं समझ पाया और भ्रमित हो गया था।

Q30. मौर्यकालीन बराबर पहाड़ी की सुदामा तथा लोमस ऋषि की गुफाएँ किस संप्रदाय को समर्पित हैं ?
(a) दिगंबर जैन
(c)
शैव
(b)
हीनयान बौद्ध
(d)
आजीवक
Answer – (d)

व्याख्या: बिहार के जहानाबाद (गया के पास) जिले में स्थित बराबर (Barabar) की पहाड़ियों को काटकर मौर्य सम्राट अशोक और उनके पोते दशरथ ने गुफाओं का निर्माण करवाया था। इनमें स्थित सुदामा गुफा’, ‘लोमस ऋषि गुफा’, ‘कर्ण चौपड़और विश्व झोपड़ीमुख्य रूप से आजीवक संप्रदाय के संतों के आवास (निवास) के लिए दान में दी गई थीं। आजीवक संप्रदाय की स्थापना मक्खलि गोशाल ने की थी, जो नियतिवाद (भाग्य पर भरोसा) को मानते थे।

Q31. किस पल्लव राजा ने मामल्लपुरम शहर की स्थापना की और वहाँ शिलाखंडों को काटकर रथ मंदिरों का निर्माणकराया ?
(a)
महेन्द्रवर्मन प्रथम
(b)
नरसिंहवर्मन प्रथम
(c)
परमेश्वरवर्मन I
(d)
नंदिवर्मन
Answer – (b)

व्याख्या: पल्लव वंश के सबसे प्रतापी राजा नरसिंहवर्मन प्रथम को मामल्ल’ (महान मल्ल या पहलवान) की उपाधि प्राप्त थी। उन्होंने अपने इसी नाम पर समुद्र तट के पास मामल्लपुरम’ (आधुनिक महाबलीपुरम, तमिलनाडु) शहर बसाया। वहाँ उन्होंने विशाल पत्थरों को तराशकर एकाश्मक (Monolithic) ‘रथ मंदिरों’ (जैसे धर्मराज रथ, अर्जुन रथ आदि) का निर्माण करवाया, जिन्हें सप्त पैगोडाभी कहा जाता है।

Q32. बुद्ध के पिछले जन्म से जुड़ी जातक कथाएँ सुत्तपिटक के किस निकाय से संबंधित हैं ?
(a) दीघ निकाय
(b)
मज्झिम निकाय
(c)
संयुक्त निकाय
(d)
खुद्दक निकाय
Answer – (d)

व्याख्या: बौद्ध धर्म के प्रमुख ग्रंथ सुत्तपिटकके 5 बड़े विभाग (निकाय) हैं। इनमें से पाँचवाँ निकाय खुद्दक निकाय (Khuddaka Nikaya) है, जो आकार में छोटा लेकिन ग्रंथों की संख्या में सबसे बड़ा है। इसी खुद्दक निकाय के अंतर्गत जातकग्रंथ आता है, जिसमें महात्मा बुद्ध के पूर्व जन्मों की 500 से अधिक कहानियां (जातक कथाएँ) संकलित हैं

Q33. पूर्व मध्यकालीन तमिल साहित्य के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I.
दसवीं शताब्दी में नाथमुनि ने अलवार के भजनों को नलयिरा दिव्य प्रबन्धम नामक ग्रंथ में संकलित किया था ।
II.
नयनार संत के भजनों को 10वीं शताब्दी में तिरूवल्लुवर द्वारा संकलित किया गया और यह संकलन शैवों के प्रमुख तिरूमुराईग्रंथ का आधार बना ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं ?
(a)
केवल I
(b)
केवल II
(c)
दोनों I और II
(d)
न तो I न ही II
Answer – (a)

व्याख्या:

कथन I सही है: 10वीं शताब्दी में वैष्णव आचार्य नाथमुनि ने 12 अलवार संतों के भजनों को इकट्ठा करके नलयिरा दिव्य प्रबन्धम नामक पवित्र ग्रंथ में संकलित किया था। इसे तमिल वेद भी माना जाता है।

कथन II गलत है: नयनार (शैव) संतों के भजनों का संकलन 10वीं-11वीं शताब्दी में नम्बि आन्दार नम्बि (Nambi Andar Nambi) द्वारा किया गया था (न कि तिरुवल्लुवर द्वारा)। तिरुवल्लुवर ने सुप्रसिद्ध नीतिपरक ग्रंथ तिरुक्कुरललिखा था। नम्बि आन्दार नम्बि का यही संकलन आगे चलकर शैवों के पवित्र तिरुमुराईग्रंथ का आधार बना।

Q34. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित है ?
(
पुस्तक)          –         (लेखक)
(a)
हम्मीर रासो   –           पद्मगुप्त
(b)
विक्रमांकदेवचरित –   शूद्रक
(c)
सौन्दरानन्द    –           बिल्हण
(d)
मालती माधव –         भवभूति
Answer – (d)

व्याख्या: इस प्रश्न में केवल विकल्प (d) ही सही सुमेलित है; ‘मालतीमाधवऔर उत्तररामचरितजैसी महान कृतियों के लेखक भवभूति हैं। बाकी सभी विकल्प गलत सुमेलित हैं, उनके सही लेखक इस प्रकार हैं:

§  हम्मीर रासो सारंगधर / जोधराज (पद्मगुप्त ने नवसाहसांकचरितलिखा है)

§  विक्रमांकदेवचरित बिल्हण (शूद्रक ने मृच्छकटिकम्लिखा है)

§  सौन्दरानन्द अश्वघोष

Q35. निम्नलिखित में से कौन सा अभिलेख हर्षवर्द्धन के संबंध में जानकारी नहीं देता है ?
(a) बाँसखेड़ा ताम्रपत्र अभिलेख
(b)
एहोल अभिलेख
(c)
भीतरी अभिलेख
(d)
मधुबन ताम्रपत्र
Answer – (c)

व्याख्या: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में स्थित भीतरी स्तंभ अभिलेख’ (Bhitari Inscription) गुप्त राजवंश के राजा स्कंदगुप्त से संबंधित है, जिसमें हूणों के आक्रमण और उनकी पराजय का विवरण मिलता है। इसका हर्षवर्धन से कोई संबंध नहीं है। जबकि बाँसखेड़ा और मधुबन ताम्रपत्र स्वयं हर्षवर्धन के हैं, और पुलकेशिन द्वितीय का एहोल अभिलेखहर्ष और पुलकेशिन के बीच नर्मदा नदी के तट पर हुए युद्ध (जिसमें हर्ष की पराजय हुई थी) की जानकारी देता है।

Q36. निम्न में से किस शासक ने हिमालय पर चेर राजवंश के राजचिह्न धनुषको अंकित किया ?
(a) नेदुनजेरल अदन
(b)
उदियनजेरल
(c)
कुत्तुवन
(d)
सेनगुत्तुवन
Answer – (a)

व्याख्या: संगम काल के चेर वंश के राजा नेदुनजेरल अदन (Nedunjeral Adan) के बारे में तमिल परंपराओं और काव्यों में कहा गया है कि उसने उत्तर भारत पर विजय प्राप्त की थी और अपनी सेना को हिमालय तक ले गया था। वहाँ उसने हिमालय पर्वत की चट्टानों पर चेर राजवंश का शाही राजचिह्न धनुष और बाण अंकित किया था। इसी कारण उसे इमयवरम्बन’ (हिमालय की सीमा वाला) भी कहा जाता है।

Q37. निम्नलिखित में से कौन सा संगम काल का व्यापारी समूह पहली सदी ई. पूर्व के अलगरमलाई शिलालेख में बताएगए कोलूवनिकनसे जुड़ा था ?
(a) दासों के व्यापारी
(b)
अनाज के व्यापारी
(c)
हलों के व्यापारी
(d)
कपड़े के व्यापारी
Answer – (b)

व्याख्या: तमिलनाडु के मदुरै के पास अलगरमलाई (Alagarmalai) में मिले तमिल-ब्राह्मी शिलालेखों में प्राचीन तमिल समाज के विभिन्न व्यापारियों का उल्लेख है। इसमें प्रयुक्त शब्द कोलूवनिकन (Koluvanikan) मुख्य रूप से अनाज/दालों के व्यापारियों (Grain Merchants) के लिए उपयोग किया जाता था। संगम काल में अनाज का व्यापार सबसे महत्वपूर्ण आंतरिक व्यापारों में से एक था।

Q38. महावंश और दीपवंश के अनुसार, अशोक ने किसके प्रभाव से बौद्ध धर्म की शिक्षा ग्रहण की ?
(a)
उपगुप्त
(b)
निग्रोध
(c)
पार्श्व
(d)
वसुमित्र
Answer – (b)

व्याख्या: श्रीलंका के बौद्ध ग्रंथों दीपवंशऔर महावंशके अनुसार, सम्राट अशोक अपने बड़े भाई सुसीम के सात वर्षीय पुत्र (अशोक के भतीजे) निग्रोध नामक एक छोटे भिक्षु के शांत और गंभीर व्यवहार को देखकर अत्यंत प्रभावित हुए और बौद्ध धर्म की ओर आकर्षित हुए। इसके बाद उन्होंने मोग्गलिपुत्त तिस्स से दीक्षा ली। (ध्यान दें: दिव्यवदान या अन्य उत्तर भारतीय ग्रंथों में उपगुप्त का नाम आता है, लेकिन सिंहली ग्रंथों के अनुसार उत्तर निग्रोधहै)। 

Q39. निम्नलिखित में से कौन सा शहर कुषाणों ने पहली शताब्दी के अंत में तक्षशिला में बसाया था ?
(a) सिरसुख
(c)
अग्रोहा
(b)
शाकल
(d)
संघोल
Answer – (a)

व्याख्या: तक्षशिला (वर्तमान पाकिस्तान) के पुरातात्विक क्षेत्र में तीन प्रमुख प्राचीन शहरों के खंडहर मिलते हैं भीर ढेड़ (सबसे पुराना), सिरकप (यूनानियों/पार्थियनों द्वारा बसाया गया) और सिरसुख (Sirsukh)। सिरसुख शहर को कुषाण राजाओं (संभवतः कनिष्क या उसके समकालीन) ने पहली शताब्दी ईस्वी के अंत में कुषाण स्थापत्य कला के अनुसार एक किले के रूप में बसाया था, जिसकी दीवारें सीधी और भारी पत्थरों की बनी थीं।

Q40. ‘अशोकावदानके अनुसार, अशोक की माता का नाम क्या था ?
(a)
शुभद्रंगी
(b)
कल्याणी
(c)
धर्मा
(d)
देवी
Answer – (a)

व्याख्या: बौद्ध ग्रंथ अशोकावदान (Ashokavadana) के अनुसार बिंदुसार की रानी और सम्राट अशोक की माता का नाम शुभद्रंगी था, जो चंपा शहर के एक ब्राह्मण की पुत्री थीं। उन्हें जनपदकल्याणीभी कहा जाता था। अन्य बौद्ध ग्रंथों (जैसे महावंश टीका) में उनका नाम धर्मा भी मिलता है, लेकिन विशेष रूप से अशोकावदानग्रंथ के संदर्भ में शुभद्रंगी नाम ही प्रामाणिक माना जाता है।

Q41. सूची-I को सूची -II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
सूची-I (लेखक)              –           सूची-II(रचना)
A.
हरिभद्र सूरि                –           1. आदिपुराण
B.
उद्योतन सूरि               –           2. कथाकोष प्रकरण
C.
जिनेश्वर सूरि               –           3. समरादित्य कथा
D.
जिनसेन                     –           4. कुवलयमाला
कूट :
A B C D

(a) 3 4 2 1
(b) 4 2 1 3
(c) 1 2 3 4
(d) 2 14 3
Answer – (a)

व्याख्या: प्राचीन जैन विद्वानों और उनकी प्रसिद्ध रचनाओं का सही मिलान इस प्रकार है:
A.
हरिभद्र सूरि – 3. समरादित्य कथा (प्राकृत भाषा में रचित एक प्रसिद्ध कथा ग्रंथ)
B.
उद्योतन सूरि – 4. कुवलयमाला (778 ईस्वी में रचित, जिसमें विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं का रोचक उल्लेख है)
C.
जिनेश्वर सूरि – 2. कथाकोष प्रकरण
D.
जिनसेन – 1. आदिपुराण (दिगंबर जैन परंपरा में तीर्थंकर ऋषभादेव के जीवन पर आधारित ग्रंथ)

Q42. चोल ग्राम प्रशासन में एरिवारियमक्या था ?
(a) उद्यान समिति
(b)
तालाब समिति
(c)
न्याय समिति
(d)
स्वर्ण समिति
Answer – (b)

व्याख्या: चोल काल में उत्तरमेरुर अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्रामीण प्रशासन को चलाने के लिए अलग-अलग समितियों (Variyams) का गठन किया जाता था। इनमें से एरिवारियम (Eri-variyam) मुख्य रूप से तालाबों, जलाशयों और सिंचाई व्यवस्था की देखरेख करने वाली समिति थी। (जबकि उद्यान समिति को थोट्टवारियमऔर स्वर्ण समिति को पोनवारियमकहा जाता था)। 

Q43. निम्नलिखित में से कौन से पुरापाषाण स्थल आंध्रप्रदेश में अवस्थित हैं ?
I.
नागार्जुनकोंडा
II.
अतिरमपक्कम
III.
मुच्छटा चिंतामनु गावी
IV.
रेनीगुण्टा
नीचे दिये गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
कूट :
(a) I और II
(b) I, II
और III
(c) I, III
और IV
(d) I, II
और IV
Answer – (c)

व्याख्या: नागार्जुनकोंडामुच्छटा चिंतामनु गावी (हड्डियों के औजारों के लिए प्रसिद्ध गुफा स्थल), और रेनीगुण्टा (चित्तूर जिला) ये तीनों ही आंध्र प्रदेश में स्थित महत्वपूर्ण पुरापाषाण कालीन (Palaeolithic) स्थल हैं। जबकि अतिरमपक्कम (Attirampakkam) तमिलनाडु राज्य में स्थित एक सुप्रसिद्ध पुरापाषाण स्थल है, जहाँ से भारत में सबसे पहले आदिमानव द्वारा निर्मित कुल्हाड़ी (Handaxe) के साक्ष्य मिले थे। इसलिए कथन II इसमें शामिल नहीं होगा।

Q44. निम्नलिखित में से कौन सिकन्दर के भारत में सैन्य अभियानों के दौरान उसका जल सेनापति था ?
(a)
स्ट्रैबो
(b)
नियार्कस
(c)
एरियन
(d)
डायोडोरस
Answer – (b)

व्याख्या: जब 325 ईसा पूर्व में सिकंदर (Alexander) भारत से वापस लौटने लगा, तो उसने अपनी सेना को दो भागों में विभाजित किया। सेना का एक हिस्सा थल मार्ग से गया और दूसरे हिस्से को सिंधु नदी और अरब सागर के रास्ते समुद्री मार्ग (जल मार्ग) से भेजने का निर्णय लिया गया। इस जल बेड़े का नेतृत्व सिकंदर के सबसे विश्वसनीय मित्र और एडमिरल (जल सेनापति) नियार्कस (Nearchus) ने किया था। स्ट्रैबो, एरियन और डायोडोरस बाद के यूनानी इतिहासकार हैं। 

Q45. निम्नलिखित में से किस शासक ने मैसूर में जैन विधि के अनुसार सल्लेखना द्वारा प्राण त्यागे ?
(a)
चन्द्रगुप्त द्वितीय
(b)
चन्द्रगुप्त प्रथम
(c)
अमोघवर्ष
(d)
चन्द्रगुप्त मौर्य
Answer – (d)

व्याख्या: मौर्य वंश के संस्थापक चन्द्रगुप्त मौर्य ने अपने जीवन के अंतिम दिनों में जैन मुनि भद्रबाहु से जैन धर्म की दीक्षा ली थी। इसके बाद वे मगध में पड़े भीषण अकाल के समय अपना राजपाठ छोड़कर कर्नाटक (मैसूर) के श्रवणबेलगोला नामक स्थान पर चले गए। वहाँ चंद्रगिरि पहाड़ी पर उन्होंने जैन परंपरा की सल्लेखनाया संथाराविधि (बिना अन्न-जल ग्रहण किए उपवास रखना) के द्वारा अपने प्राण त्यागे थे

Q46. पवज्जा (प्रव्रज्या) संस्कार के विषय में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य नहीं है ?
I.
जब कोई व्यक्ति घर का परित्याग कर बौद्ध आचार्य के अधीन एक परिव्राजक जीवन प्रारंभ करता है ।
II.
इस अवसर पर वह अपने केशों का त्याग कर गेरुए वस्त्र धारण कर लेता था ।
III.
इस संस्कार के पश्चात् भिक्षु को बौद्ध संघ की स्थायी सदस्यता मिल जाती थी ।
(a)
केवल I
(b)
केवल II
(c)
केवल III
(d) I, II
और III सभी
Answer – (c)

व्याख्या: कथन I और II पूरी तरह सत्य हैं। बौद्ध धर्म में जब कोई व्यक्ति गृहस्थ जीवन छोड़कर संघ में प्रवेश करता था, तो उसे पवज्जा’ (प्रव्रज्या) संस्कार से गुजरना पड़ता था, जिसमें सिर के बाल मुंडवाकर गेरुए वस्त्र धारण करने होते थे।

कथन III असत्य है: पवज्जा संस्कार के बाद व्यक्ति बौद्ध संघ का स्थायीसदस्य नहीं बनता था, बल्कि वह केवल एक श्रामणेरया शिक्षार्थी (Novice) बनता था। संघ की पूर्ण या स्थायी सदस्यता (जिसे भिक्षु का दर्जा कहते हैं) उसे कम से कम 20 वर्ष की आयु में उपसंपदा संस्कार होने के बाद ही मिलती थी।

Q47. अशोक के अभिलेख में प्रतिवेदक एवं पुलेषनी का उल्लेख मिलता है । इन अधिकारियों का क्या कार्य था ?
(a)
औद्योगिक शिल्प के अध्यक्ष
(b)
मनोरंजन का अध्यक्ष तथा विदेशियों पर नज़र रखने वाला
(c)
सम्राट को जनधारणा के विषय में अवगत कराने वाले प्रभारी
(d)
व्यापार एवं वाणिज्य के प्रभारी
Answer – (c)

व्याख्या: मौर्य सम्राट अशोक के छठे शिलालेख (6th Rock Edict) में प्रतिवेदक (Reporters/Informers) और पुलेषनी (Pulisani/Public Relations Officers) का विशेष उल्लेख मिलता है। अशोक ने स्पष्ट आदेश दिया था कि चाहे वह कहीं भी हो (भोजन कर रहा हो, अंतःपुर में हो या विश्राम कर रहा हो), ये अधिकारी प्रजा की समस्याओं और जनता की राय (जनधारणा) से राजा को तुरंत अवगत कराएं ताकि जन कल्याण के कार्य बिना रुके हो सकें।

Q48. निम्नलिखित में से किस स्रोत के अनुसार, अंग महाजनपद की राजधानी चम्पा नगर के निर्माण की योजना वास्तुकारमहागोविन्द ने की थी ?
(a) दीघ निकाय
(b)
अंगुत्तर निकाय
(c)
महापरिनिर्वाण सुत्त
(d)
राजतरंगणी
Answer – (a)

व्याख्या: बौद्ध ग्रंथ दीघ निकाय (Digha Nikaya) के महागोविंद सुत्तके अनुसार, प्राचीन भारत के प्रसिद्ध वास्तुकार (Architect) महागोविंद ने ही बिम्बिसार के समय राजगृह शहर की और अंग महाजनपद की प्रसिद्ध राजधानी चम्पा नगर के निर्माण की रूपरेखा व लेआउट तैयार किया था। चम्पा अपने समय के सबसे समृद्ध व्यापारिक और योजनाबद्ध शहरों में गिना जाता था। 

Q49. बौद्ध संघ के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
I. सैनिक राजा की अनुमति के बिना संघ में प्रवेश नहीं पा सकते थे ।
II.
दास अपने स्वामी से मुक्ति पाए बिना संघ में प्रवेश नहीं पा सकते थे ।
III.
ऋण लेने वाला ऋण चुकाए बिना संघ में प्रवेश नहीं पा सकता था ।
IV.
बौद्ध संघ समाज में यथास्थितिवाद का समर्थक था ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा / कौन से कथन सही है/हैं ?
(a)
केवल I
(b)
केवल I एवं II
(c)
केवल I एवं III
(d) I, II, III
एवं IV सभी
Answer – (d)

व्याख्या: महात्मा बुद्ध ने सामाजिक व्यवस्था को सीधे चुनौती न देकर संघ के नियमों में तत्कालीन सामाजिक और वैधानिक मानदंडों का सम्मान किया था:

§  कथन I, II और III सही हैं: बौद्ध संघ के कड़े नियमों के अनुसार, राजा की अनुमति के बिना सैनिक, मालिक की अनुमति के बिना दास (गुलाम), और कर्ज चुकाए बिना ऋणी व्यक्ति संघ में प्रवेश नहीं पा सकते थे।

§  कथन IV भी सही है: इन पाबंदियों और प्रवेश के नियमों के कारण इतिहासकार यह मानते हैं कि बौद्ध संघ ने तत्कालीन समाज में बुनियादी ढाँचे को बदलने के बजाय यथास्थितिवाद (Status quo) का समर्थन किया ताकि राज्य और समाज के प्रभावी वर्गों के साथ टकराव न हो।

Q50. नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है :
अभिकथन (A) : हड़प्पा सभ्यता के लोगों के मेसोपोटामिया के लोगों के साथ व्यापारिक संबंध थे ।
कारण (R) : ऐसा कोई पुरातात्विक साक्ष्य नहीं है, जो मेसोपोटामिया के साथ व्यापारिक संबंधों की पुष्टि करताहै ।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
कूट :
(a) (A)
और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है ।
(b) (A)
गलत है, किन्तु (R) सही है।
(c) (A)
सही है, किन्तु (R) गलत है।
(d) (A)
और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है ।
Answer – (c)

व्याख्या: 

अभिकथन (A) बिल्कुल सही है: सिंधु घाटी (हड़प्पा) सभ्यता के लोगों के मेसोपोटामिया (आधुनिक इराक) के साथ बहुत ही घनिष्ठ और जीवंत व्यापारिक संबंध थे।

कारण (R) पूरी तरह गलत है: हमारे पास भारी मात्रा में पुरातात्विक साक्ष्य मौजूद हैं जो इस व्यापार की पुष्टि करते हैं। मेसोपोटामिया के शहरों (जैसे उर, किश, सूसा) से हड़प्पा सभ्यता की बेलनाकार मुहरें, कार्नेलियन के मनके और बाट मिले हैं। साथ ही, मेसोपोटामिया के कीलाक्षर (Cuneiform) अभिलेखों में भारत के साथ होने वाले व्यापार का ज़िक्र है, जहाँ सिंधु क्षेत्र को मेलुहा नाम से पुकारा गया है।

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